विकास के दावों के बीच GST संग्रह में गिरावट,
कई बड़े राज्यों में राजस्व घटा, आर्थिक गतिविधियों पर सवाल

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
देश की अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार लगातार मजबूत विकास और बढ़ते कारोबार के दावे कर रही है, लेकिन मई 2026 के जीएसटी आंकड़े एक अलग तस्वीर पेश करते हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में राज्यों के जीएसटी राजस्व संग्रह में कुल 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि कई बड़े राज्यों में राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई। दिल्ली में जीएसटी संग्रह 17 प्रतिशत घटा, उत्तराखंड में 19 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 27 प्रतिशत, तमिलनाडु में 15 प्रतिशत, राजस्थान में 11 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में 9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
पूर्वोत्तर राज्यों की स्थिति भी उत्साहजनक नहीं रही। मणिपुर में 42 प्रतिशत, सिक्किम में 53 प्रतिशत और असम में 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि उत्तर प्रदेश ने 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और हरियाणा तथा तेलंगाना में भी बढ़ोतरी देखी गई, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर कुल संग्रह में गिरावट आर्थिक गतिविधियों की गति पर सवाल खड़े करती है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि जीएसटी संग्रह किसी भी अर्थव्यवस्था में व्यापार, उपभोग और उत्पादन गतिविधियों का महत्वपूर्ण संकेतक होता है। ऐसे में कई औद्योगिक और उपभोक्ता राज्यों में गिरावट यह संकेत दे सकती है कि मांग और बाजार गतिविधियों में अपेक्षित तेजी नहीं है।
दिल्ली, तमिलनाडु और राजस्थान जैसे बड़े आर्थिक केंद्रों में कमी को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों का कहना है कि जमीनी स्तर पर कारोबारियों और छोटे उद्योगों की चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं, जबकि सरकार लगातार आर्थिक मजबूती के दावे कर रही है।
हालांकि केंद्र सरकार का तर्क है कि जीएसटी संग्रह में मासिक उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन लगातार निगरानी की आवश्यकता बनी हुई है। आने वाले महीनों के आंकड़े यह तय करेंगे कि यह अस्थायी गिरावट है या आर्थिक गतिविधियों में किसी बड़े बदलाव का संकेत।



