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सीमा सुरक्षा के लिए बनेगा ‘चतुष्कोणीय ग्रिड’, 6 महीने में लगेंगे एंटी-ड्रोन सिस्टम -अमित शाह

महिला प्रहरियों के लिए 14 बैरकों का ई-उद्घाटन, गृह मंत्री बोले- बॉर्डर सुरक्षा सिर्फ ड्यूटी नहीं, हमारी सामूहिक जिम्मेदारी

– निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राजस्थान के बीकानेर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बीएसएफ (BSF) की ऐतिहासिक सांचू पोस्ट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सीमा प्रहरियों से सीधा संवाद किया और महिला जवानों की सुविधा के लिए नवनिर्मित 14 बैरकों का ई-उद्घाटन किया। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। गृह मंत्री ने कठिन परिस्थितियों में देश की रक्षा करने वाले जवानों के हौसले को सलाम किया और 2000 से अधिक शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड से रुकेगी घुसपैठ

जवानों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि बॉर्डर की सुरक्षा कोई ‘आइसोलेटेड ड्यूटी’ (अकेली जिम्मेदारी) नहीं है, बल्कि यह एक ‘टेरिटोरियल रिस्पॉन्सिबिलिटी’ (क्षेत्रीय जिम्मेदारी) है। उन्होंने शून्य घुसपैठ सुनिश्चित करने के लिए ‘चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड’ का मंत्र दिया। इस ग्रिड में बीएसएफ, भारतीय सेना, सीमांत नागरिक और स्थानीय प्रशासन मिलकर एक साथ काम करेंगे। गृह मंत्री ने बताया कि मोदी सरकार ने तकनीकी का दुरुपयोग रोकने के लिए ही बीएसएफ का कार्यक्षेत्र 15 किमी से बढ़ाकर 50 किमी किया है। उन्होंने बीएसएफ को सीमावर्ती गांवों में हो रहे कृत्रिम जनसांख्यिकी परिवर्तन (Unnatural Demographic Change) और अवैध निर्माण पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए।

बॉर्डर पर हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर और एंटी-ड्रोन तकनीक

गृह मंत्री ने देशविरोधी तत्वों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगले 6 महीनों के भीतर सीमा पर ड्रोन रोधी संयंत्र (Anti-Drone Systems) लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बीएसएफ को निर्देश दिया कि वे स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर ड्रोन से होने वाली हथियारों और नारकोटिक्स की तस्करी को बेरहमी से कुचल दें। सरकार बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 1096 किमी लंबी लेटरल रोड और 520 किमी लंबी एक्सियल रोड का निर्माण कर रही है। साथ ही 180 चौकियों तक पाइपलाइन से पीने का पानी पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने जवानों से ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ का नेतृत्व करने और सीमांत गांवों में सरकारी योजनाओं का लाभ 100% पहुंचाने की अपील की।

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