‘नौसेना शौर्य वाटिका’ रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने जनता को समर्पित किया

आईएनएस गोमती और टीयू-142एम विमान की कलाकृतियों से सजेगा पार्क; रक्षा निर्यात 1,000 करोड़ से बढ़कर हुआ 40,000 करोड़
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
लखनऊ। रक्षा विनिर्माण और सैन्य गौरव के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने आज एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ लिया है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार, 30 मई 2026 को राजधानी लखनऊ में भव्य ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। दो एकड़ से अधिक विस्तृत क्षेत्र में ₹19 करोड़ की लागत से निर्मित यह खुला संग्रहालय (ओपन म्यूजियम) भारतीय नौसेना के अदम्य साहस, वीरता और पराक्रम की गाथा बयां करता है। इसमें 34 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद वर्ष 2022 में सेवामुक्त हुए युद्धपोत ‘आईएनएस गोमती’ (INS Gomti) के हथियारों और गौरवशाली अवशेषों को प्रदर्शित किया गया है।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह शौर्य वाटिका केवल एक पर्यटन स्थल या संरचनात्मक कलाकृति नहीं है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का एक ऐसा जीवंत प्रतीक है जो उन्हें स्वतंत्रता और सुरक्षा की वास्तविक कीमत की याद दिलाएगा। उन्होंने समुद्र में भारतीय नौसेना की मजबूत परिचालन तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच सुरक्षित समुद्री मार्ग ही विश्व शांति की कुंजी हैं।

रक्षा मंत्री ने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान नौसेना के असाधारण योगदान की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने गर्व से कहा, “अरब सागर में हमारी नौसेना की दुर्जेय और आक्रामक स्थिति ने शत्रु के मन में ऐसा भय पैदा किया कि पाकिस्तानी नौसेना पूरी लड़ाई के दौरान अपने बंदरगाहों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर सकी और वहीं दुबकी रही।”
राजनाथ सिंह ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ की सफलताओं का आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि देश का घरेलू रक्षा उत्पादन जो 2014 में मात्र ₹46,000 करोड़ था, वह आज बढ़कर ₹1.51 लाख करोड़ से अधिक हो गया है। वहीं रक्षा निर्यात भी ₹1,000 करोड़ से उछलकर आज लगभग ₹40,000 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर इस विनिर्माण तंत्र को अभूतपूर्व मजबूती दे रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में वीर सैनिकों को नमन करते हुए कहा कि सैनिकों की मुस्तैदी के कारण ही देश का हर नागरिक चैन की नींद सोता है। उन्होंने कहा कि कोई भी विकास योजना तभी फल-फूल सकती है जब राष्ट्र सुरक्षित हो। इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री द्वय केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी सहित सेना और प्रशासन के कई आला अधिकारी मौजूद रहे।
क्या है नौसेना शौर्य वाटिका की खासियत?
इस खुले संग्रहालय में युद्धपोत पर तैनात रहने वाली एके-726 तोप, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का जेडआईएफ-101 लॉन्चर, टॉरपीडो लॉन्चर, रडार, जहाज का मस्तूल और लंगर प्रदर्शित किए गए हैं। इसके अलावा, नौसेना के सेवामुक्त हो चुके लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमान ‘टीयू-142एम’ (Tu-142M) का एक वॉकथ्रू संग्रहालय भी पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। यहाँ पर्यटकों के लिए भोजनालय, स्मारिका दुकान और आधुनिक लाइट एंड साउंड सिस्टम की बेहतरीन व्यवस्था की गई है।



