रायबरेली

आरेडिका रायबरेली में डिजिटल क्रांति: राजभाषा विभाग ने कार्यशाला में सिखाए AI टूल्स और ई-ऑफिस के ‘स्मार्ट मंत्र’

डिजिटल टूल्स से चमकेगा दफ्तर का काम, 'वोट का बुलडोजर' नहीं, अब 'तकनीक के दम' पर समय बचाएगा रेलवे!

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना (आरेडिका), रायबरेली के राजभाषा विभाग द्वारा आज ‘कार्यालयी कार्य में डिजिटल टूल्स के प्रभावी उपयोग’ विषय पर एक बेहद महत्वपूर्ण और शानदार तकनीकी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में न केवल आरेडिका के कर्मचारी शामिल हुए, बल्कि नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), रायबरेली से जुड़े विभिन्न सरकारी कार्यालयों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यशाला के मुख्य वक्ता और आरेडिका के कार्य प्रबंधक उत्कर्ष ओझा ने डिजिटल टूल्स को लेकर कई महत्वपूर्ण और ज्ञानवर्धक जानकारियां साझा कीं। श्री ओझा ने जोर देकर कहा कि आज के आधुनिक और डिजिटल युग में सरकारी दफ्तरों के कामों को तेजी से और बिना गलती के निपटाने के लिए डिजिटल टूल्स का सही ज्ञान और उनका रोजमर्रा के काम में व्यावहारिक उपयोग बेहद जरूरी हो चुका है। इन तकनीकों के इस्तेमाल से न केवल कीमती समय की बचत होती है, बल्कि काम की क्वालिटी और पारदर्शिता में भी बड़ा सुधार आता है।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान उन्होंने ई-ऑफिस प्रणाली, आईआरपीएस (IRPS), यूडीएम (UDM), परिचय, स्पैरो, और ईमेल के सही व प्रभावी इस्तेमाल पर विस्तृत रोशनी डाली। इसके साथ ही, उन्होंने आज के सबसे चर्चित विषय—विभिन्न एआई (AI) टूल्स, ऑनलाइन डेटा स्टोरेज के लिए क्लाउड टेक्नोलॉजी, गूगल डॉक्स और साइबर सुरक्षा से जुड़े जरूरी नियमों व सॉफ्टवेयरों के बारे में विस्तार से समझाया। प्रतिभागियों को केवल थ्योरी नहीं दी गई, बल्कि लाइव डेमो के जरिए इन सभी टूल्स को इस्तेमाल करने का आसान तरीका भी सिखाया गया।

इस सफल और ऊर्जावान कार्यक्रम के अवसर पर आरेडिका के मुख्य राजभाषा अधिकारी रमेश चन्द्र, उप मुख्य राजभाषा अधिकारी अभिनव यादव और राजभाषा अधिकारी राकेश रंजन सहित भारी संख्या में रेल अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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