आरडीएसओ ने पेश किया भविष्य की हाई-टेक रेल का विजन!
"डिजिटल बदलाव और आधुनिक तकनीक से बदलेगी भारतीय रेलवे की सूरत"; कॉन्क्लेव में अपर महानिदेशक काजी मेराज अहमद की धुआंधार हुंकार!

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी स्थित आलीशान होटल ‘द सेंट्रम’ में 1 को देश के बुनियादी ढांचे और रेलवे लॉजिस्टिक्स को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और धुआंधार महा-मंथन हुआ। अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) ने ‘ईटी गवर्नमेंट – द इकोनॉमिक टाइम्स’ द्वारा उत्तर प्रदेश स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सहयोग से आयोजित ‘ईटी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव-2026’ में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में देश भर के नीति-निर्माताओं, दिग्गज उद्योगपतियों, अवसंरचना विशेषज्ञों और शीर्ष हितधारकों ने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स के भविष्य को चमकाने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
इस महा-कॉन्क्लेव के सबसे मुख्य आकर्षणों में से एक ‘फ्यूचर रेडी लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम’ (भविष्य के लिए तैयार लॉजिस्टिक्स पारिस्थितिकी तंत्र) विषय पर आयोजित एक विशेष पैनल चर्चा रही। इस चर्चा में आरडीएसओ (RDSO) के अपर महानिदेशक श्री काजी मेराज अहमद ने प्रमुख वक्ता के रूप में हिस्सा लिया और अपने तीखे व दूरदर्शी विचारों से सबको प्रभावित किया। इस महत्वपूर्ण सत्र के दौरान देश में माल परिवहन की गति बढ़ाने, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने, औद्योगिक कॉरिडोर के निर्माण, आधुनिक वेयरहाउसिंग और व्यापार को आसान बनाने (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) जैसे बेहद जरूरी मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई।
अपने दमदार संबोधन में श्री काजी मेराज अहमद ने भारत के आर्थिक विकास की रीढ़ माने जाने वाली भारतीय रेलवे की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में नवाचार (इनोवेशन), आधुनिकीकरण, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल रेलवे परिवहन को और अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि रेलवे का बुनियादी ढांचा तेजी से अपग्रेड हो रहा है और माल ढुलाई क्षमता बढ़ने से देश की लॉजिस्टिक्स जरूरतें बेहद आसान हो जाएंगी। यह कॉन्क्लेव नए भारत के निर्माण की दिशा में सहयोगात्मक प्रयासों को बढ़ावा देने वाला एक ऐतिहासिक मंच साबित हुआ है।




