उत्तर प्रदेश

सावधान! आपकी रसोई के ‘मसालों’ में घुला था मिलावट का जहर, यूपी में FDA का महा-ऐक्शन

₹50 लाख के मसाले सीज, 41 क्विंटल कचरा नष्ट; बड़े-बड़े ब्रांड्स पर चला योगी सरकार का चाबुक

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क,

अगर आप भी चटपटे और मसालेदार खाने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके होश उड़ा देगी। उत्तर प्रदेश में आपकी सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने अब तक का सबसे बड़ा ‘मसालेदार’ प्रहार किया है. आयुक्त के निर्देश पर 11 और 12 जून को पूरे प्रदेश में औचक छापेमारी का एक बड़ा तूफान आया , जिसने बड़े-बड़े मसाला कप्तानों, स्टॉकिस्टों और नामी कंपनियों की नींद उड़ा दी. इस महा-अभियान के तहत विभाग ने प्रदेश भर से कुल 813 नमूने लेकर लैब भेजे हैं और लगभग ₹50.23 लाख की कीमत के 283.5 क्विंटल संदिग्ध मसालों को जब्त कर लिया है. इतना ही नहीं, इंसानों की सेहत के लिए जहर बन चुके 41.24 क्विंटल सड़े-गले मसालों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, जिसकी कीमत ₹10.46 लाख से अधिक थी.

इस छापेमारी में लखनऊ से लेकर कानपुर और गाजियाबाद तक हड़कंप मच गया. लखनऊ के काकोरी में ‘स्पाइस क्रॉफ्ट’ कंपनी से ₹13.67 लाख के एक्सपायर्ड मसाले पकड़े गए , तो सहादतगंज में धनिया और मिर्च पाउडर में घातक आर्टिफिशियल रंग मिलाने का गंदा खेल पकड़ा गया. कानपुर देहात में ‘वोल्वो लाइन फूड्स’ पर मिर्च पाउडर में भारी कमियां मिलने पर 13 लाख के मसाले सीज हुए , जबकि ‘राकेश मसाले’ और ‘राज राजेश्वरी स्पाइसेज’ से 19 नमूने उठाकर ₹9.30 लाख का माल जब्त किया गया. चंदौली में बड़े ब्रांड्स ‘RL मसाले’ और ‘रॉयल मसाले’ पर भी टीम ने छापा मारकर सैंपल कलेक्ट किए.

अयोध्या में एक्सपायर्ड मसाले नष्ट किए गए , गाजियाबाद में ₹17.94 लाख के मसाले सीज हुए और मिर्जापुर में ‘रूद्र एंटरप्राइजेज’ को बिना लाइसेंस के अवैध रूप से मसाला बनाते हुए रंगे हाथों पकड़कर ताला लगा दिया गया. हालांकि, इस पूरे ऐक्शन में राहत की बात यह रही कि छोटे खुदरा दुकानदारों, हाकरों और चक्की वालों को परेशान नहीं किया गया. मिलावटखोरों के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि आपकी थाली शुद्ध बनी रहे.

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