आगरा ड्रग मार्केट में FSDA का महा-ऑपरेशन; ₹63 लाख की नकली व सरकारी दवाएं जब्त, 3 FIR दर्ज
आगरा में अवैध दवा माफियाओं पर वज्रपात: बिना लाइसेंस घरों और गोदामों में चल रहा था री-लेबलिंग का काला खेल

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क:
उत्तर प्रदेश में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग ने आगरा के दवा बाजारों में अब तक की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। आयुक्त के नेतृत्व में 25 औषधि निरीक्षकों की विशेष टीमों ने 12 से 14 जून 2026 के बीच खूनी गली, फव्वारा, संजय प्लेस और कमला नगर जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। 20 से अधिक फर्मों, आवासीय परिसरों और अवैध गोदामों की सघन जांच में ₹63 लाख से अधिक की नकली, फिजिशियन सैंपल और सरकारी सप्लाई की जीवन रक्षक दवाएं जब्त की गई हैं। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत 3 एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई गई हैं।
घरों में हो रहा था कोल्ड चेन का गंभीर उल्लंघन और री-लेबलिंग
- मनीष पंजवानी उर्फ सन्नी (ब्राइट फार्मा): राहुल विहार, दयालबाग स्थित आरोपी के आवास पर छापा मारकर बिना लाइसेंस के रखी गईं जीवन रक्षक दवाएं (Trinbelimab, Anti-D Immunoglobulin और Insulin) बरामद की गईं। यहाँ बेहद संवेदनशील दवाओं की कोल्ड चेन टूटी हुई थी और सरकारी दवाओं पर री-लेबलिंग कर नया रेट प्रिंट किया जा रहा था। मौके से ₹5.20 लाख की दवाएं सीज कर न्यू आगरा थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
- मोहम्मद शाहिद कुरेशी (सी एफ इंटरप्रयसीस): खिन्नी गली में गौरव मेडिको के एक सेल्फ-एक्सपायर्ड लाइसेंस वाले गोदाम का अवैध इस्तेमाल कर रहे शाहिद कुरेशी के यहाँ से करीब ₹40 लाख की दवाएं सीज की गईं।
- सुमित माधवानी और सुमित गुप्ता: इन दोनों आरोपियों के बहोरे राम और माहेश्वरी कॉम्प्लेक्स स्थित अवैध गोदामों से क्रमशः ₹12 लाख और ₹15 लाख के ‘फिजिशियन सैंपल्स’ (नॉट फॉर सेल) बरामद हुए, जिन्हें बाजार में बेचने के लिए छुपाकर रखा गया था। दोनों के खिलाफ कोतवाली (फाउन्टन) में FIR दर्ज कराई गई है।
मेडिकल स्टोरों पर भी गिरी गाज जांच टीम ने पोरवाल मेडकेयर से कोल्ड चेन ब्रेक होने के कारण ₹7.63 लाख का इन्जेक्शन स्टॉक सीज किया। वहीं, हारे का सहारा एंटरप्राइज, सर्वेश्वर फार्मा, साईं कृपा डिस्ट्रीब्यूटर, माधव कृपा और दुर्गा मेडिकोस पर क्रय-विक्रय अभिलेखों में भारी अनियमितता पाए जाने पर दवाओं की बिक्री पर रोक लगाते हुए सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।
बता दें कि इससे पहले मई महीने में भी ज्योति ड्रग हाउस और श्री मेडिकल एजेंसीज से ₹3 करोड़ की दवाएं जब्त की जा चुकी हैं। मई से जून 2026 के बीच अब तक कुल ₹3.63 करोड़ की अवैध दवाएं जब्त कर 4 FIR दर्ज की जा चुकी हैं। कमिश्नर FSDA ने सख्त लहजे में कहा है कि शटर बंद रखने वाले और निष्क्रिय दुकानों के लाइसेंस तुरंत निरस्त किए जाएंगे।



