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यूपी के सहकारी बैंक कर्मचारियों का 30 साल का इंतजार खत्म; योगी सरकार ने दी वेतन पुनरीक्षण को हरी झंडी

सहकारिता विभाग का ऐतिहासिक फैसला: जिला सहकारी बैंकों के हजारों कर्मियों को मिलेगा साल 2011 का बढ़ा वेतनमान

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क:

उत्तर प्रदेश के जिला सहकारी बैंकों के हजारों कर्मचारियों के लिए एक बेहद बड़ी और खुशियों भरी खबर आई है। सहकारिता विभाग ने कर्मचारियों के हित में एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए उनके दशकों पुराने लंबित वेतन पुनरीक्षण (Wage Revision) की मांग को आखिरकार मंजूरी दे दी है। सोमवार, 15 जून 2026 को उत्तर प्रदेश के सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जे.पी.एस. राठौर की अध्यक्षता में लखनऊ स्थित यूपी स्टेट कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड के सभागार में हुई एक हाई-लेवल बैठक में यह बड़ा निर्णय लिया गया।

इन 14 जिला सहकारी बैंकों के कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ: बैठक में बैंक यूनियन के पदाधिकारियों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद कुल 14 जिला सहकारी बैंकों में नया वेतनमान लागू करने का फैसला हुआ है:

  • 30 वर्षों का इंतजार खत्म: नवीन लाइसेंस प्राप्त 16 जिला सहकारी बैंकों में से 06 बैंकों— बहराइच, बलिया, सुल्तानपुर, जौनपुर, सिद्धार्थनगर और हरदोई— जहां पिछले 30 से अधिक सालों से वेतन पुनरीक्षण नहीं हुआ था, उन्हें अब वर्ष 2011 का वेतनमान दिया जाएगा।
  • 20 वर्षों का इंतजार खत्म: इसके अलावा 08 अन्य बैंकों— देवरिया, गाजीपुर, वाराणसी, सीतापुर, अयोध्या, फतेहपुर, आजमगढ़ और गोरखपुर— जहां 20 साल से मामला लंबित था, उन्हें भी वर्ष 2011 का वेतनमान देने का फैसला हुआ है। संबंधित बैंकों की प्रबंध समिति अब इसका प्रस्ताव पारित कर इसे तुरंत लागू कर सकेगी।

बाकी 34 बैंकों के लिए नाबार्ड की शर्तें: बैठक में साफ किया गया कि प्रदेश के अन्य 34 जिला सहकारी बैंकों के कर्मचारियों को भी वेतन पुनरीक्षण का लाभ तभी मिलेगा, जब वे नाबार्ड (NABARD) द्वारा तय किए गए जरूरी वित्तीय मानकों को पूरा कर लेंगे।

बिजनेस बढ़ाने और किसानों की मदद पर जोर: सहकारिता मंत्री जे.पी.एस. राठौर ने बैंकों की वित्तीय स्थिति, एनपीए (NPA) वसूली और कंप्यूटराइजेशन की समीक्षा करते हुए निक्षेपकर्ताओं (Depositors) के भुगतान को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऋणमोचन योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए उनकी आपत्तियों का निपटारा समय पर किया जाए।

इस बैठक में प्रमुख सचिव (सहकारिता) अजय कुमार शुक्ला, आयुक्त एवं निबंधक योगेश कुमार, बैंक के सभापति जितेंद्र बहादुर सिंह, और कोआपरेटिव बैंक इम्प्लाइज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अजय वर्मा व महामंत्री सुधीर कुमार सिंह सहित कई दिग्गज अधिकारी व पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया।

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