शकुन्तला मिश्रा विवि में पीजी प्रवेश की बढ़ी तारीख, अब 27 जून तक सुनहरा मौका

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में परास्नातक (पीजी) पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। अब छात्र 27 जून 2026 तक अपना पंजीकरण करा सकेंगे।
समर्थ पोर्टल पर आवेदन की तारीख बढ़ी, कुलपति ने की अपील
विश्वविद्यालय की प्रवेश निदेशक प्रो. अनामिका चौधरी द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, सीयूईटी-पीजी (CUET-PG) और नॉन-सीयूईटी श्रेणियों के तहत समर्थ पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया बीते 20 मई 2026 से जारी है। पूर्व में आवेदन की अंतिम तिथि 20 जून तय की गई थी, जिसे छात्रहित में बढ़ाते हुए अब 27 जून 2026 कर दिया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य संजय सिंह ने सभी इच्छुक अभ्यर्थियों से बिना देरी किए समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की पुरजोर अपील की है।
1,077 सीटों पर महामुकाबला, इन प्रमुख पाठ्यक्रमों में प्रवेश का मौका
शकुन्तला मिश्रा विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों में पीजी की कुल 1077 सीटें उपलब्ध हैं। प्रवेश निदेशक ने बताया कि निम्नलिखित प्रमुख पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन खुले हैं:
- कला एवं वाणिज्य: एम.ए. (हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, शिक्षा), एमएसडब्ल्यू (MSW), और एम.कॉम. (M.Com)।
- विज्ञान एवं तकनीक: एम.एससी. (रसायन विज्ञान, भौतिकी, सांख्यिकी, माइक्रोबायोलॉजी, सूचना प्रौद्योगिकी), एमसीए (MCA), एम.टेक.।
- प्रोफेशनल व स्पेशल कोर्सेज: एमबीए, एमवीए, एलएलएम, एम.एड. स्पेशल एजुकेशन, बी.एड. स्पेशल एजुकेशन, पीजीडीआरएफ और एम.फिल. इन क्लीनिकल साइकोलॉजी। इसके अलावा नॉन-सीयूईटी श्रेणी में पीजीडीएवीटी एवं एमपीओ पाठ्यक्रमों में भी आवेदन जारी हैं।
हेल्पलाइन नंबर जारी, पारदर्शिता के साथ सुलभ होगी प्रक्रिया
दाखिले से जुड़ी किसी भी समस्या या पूछताछ के लिए विश्वविद्यालय ने आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 8887222060 जारी किया है। अभ्यर्थी विवि के समर्थ पोर्टल पर जाकर सीधे ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।
कुलपति आचार्य संजय सिंह का संदेश: > “अभिभावकों और छात्रों की भारी मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हमारा विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण और समावेशी उच्च शिक्षा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”



