धमाकेदार शुरुआत: एससी-एसटी उद्यमियों को मिला सफलता का नया मंत्र

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
MSME मंत्रालय की राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति हब (NSSH) योजना अब देश के कोने-कोने में वंचित वर्ग के उद्यमियों की किस्मत बदल रही है। इस योजना के तहत शुरू हुआ ‘बिजनेस एक्सीलेटर प्रोग्राम’ (BAP) बिजनेस को रफ्तार देने और नई ऊंचाइयों पर ले जाने में गेम-चेंजर साबित हो रहा है।
BAP क्या है: बाजार और सरकारी टेंडरों का सीधा रास्ता यह प्रोग्राम कोई साधारण ट्रेनिंग नहीं है, बल्कि यह उद्यमियों को मार्केट रणनीति, सही मूल्य निर्धारण और सरकारी खरीद प्रणाली (Government Procurement) का मास्टर बना रहा है। इसके जरिए उद्यमी पारंपरिक तरीकों को छोड़कर डेटा और आधुनिक रणनीतियों से व्यापार कर रहे हैं।
सफलता की तीन धुआंधार कहानियां:
- अग्नि सुरक्षा में बड़ा धमाका: पश्चिम बंगाल के देबासिस मंडल (मेसर्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी इंजीनियरिंग) के पास उत्पाद तो बेहतरीन थे, लेकिन सही रणनीति नहीं थी। BAP से जुड़कर उन्होंने अपनी लागत संरचना सुधारी और सीधे ‘पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन’ से 8.48 लाख रुपये का सरकारी टेंडर हासिल कर लिया।
- सौर ऊर्जा में नई चमक: असम के भार्गव देओरी (मेसर्स रेनेर्जी सॉल्यूशन) ने अपने तकनीकी काम को एक प्रोफेशनल बिजनेस में बदला। आज उनकी कंपनी सरकारी सौर ऊर्जा संयंत्रों के टेंडर हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
- सटीक इंजीनियरिंग का जलवा: महाराष्ट्र के सुनील पोपटराव जगताप (सावलराम एंटरप्राइजेज) ने 18 साल की नौकरी के बाद हाइड्रोलिक सिलेंडर का काम शुरू किया। IIM शिलांग के BAP प्रोग्राम की मदद से उन्होंने ‘सेल’ (SAIL) जैसी दिग्गज कंपनी से 5.10 लाख रुपये का ऑर्डर हासिल किया।
विकसित भारत 2047 का संकल्प यह योजना केवल व्यापार नहीं बढ़ा रही, बल्कि अनुसूचित जाति और जनजाति के समाज को देश की मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था का नेतृत्व सौंप रही है। अधिक जानकारी के लिए उद्यमी www.scsthub.in पर जा सकते हैं।



