सहकारिता और राजस्व विभाग का महा-अभियान: 1,916 नवगठित बी-पैक्स को निशुल्क भूमि आवंटन के निर्देश

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
उत्तर प्रदेश में ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना को जमीनी स्तर पर साकार करने के लिए योगी सरकार के दो महत्वपूर्ण विभागों—सहकारिता और राजस्व विभाग—ने एक साथ मिलकर बड़ी प्रशासनिक मुहिम शुरू की है । सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुक्रम में राज्य के सहकारिता आयुक्त एवं निबन्धक योगेश कुमार द्वारा प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को आपातकालीन आधिकारिक पत्र जारी किया गया है । इस नीतिगत आदेश के तहत राज्य में नवगठित 1,916 नवीन बी-पैक्स (प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों) के सुचारू संचालन, समिति भवन और ग्रामीण गोदामों के निर्माण हेतु निशुल्क भूमि आवंटित करने की प्रक्रिया शीर्ष प्राथमिकता पर शुरू करने का निर्देश दिया गया है ।
किसानों को खाद, उन्नत बीज और केसीसी की त्वरित सुविधा; धरातल पर सुदृढ़ होगा सहकारिता आंदोलन
सहकारिता विभाग के आदेशानुसार, इन नवगठित सहकारी समितियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों और प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर कृषक सदस्यों को रासायनिक उर्वरक, उन्नतशील बीज तथा किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसी आवश्यक वित्तीय एवं कृषि सुविधाएं बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराई जानी हैं । इस हेतु पर्याप्त भंडारण क्षमता वाले गोदामों का निर्माण अत्यंत आवश्यक है । शासन ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे स्थानीय स्तर पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धकों के साथ समन्वय स्थापित कर नियमों के अंतर्गत त्वरित भूमि आवंटन सुनिश्चित कराएं ।
शासकीय भूमि के संरक्षण हेतु राजस्व परिषद का ‘वज्रपात’; 10 से 25 जुलाई तक चलेगा विशेष नामांतरण अभियान
इसी कड़ी में राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर एक कड़ा रुख अपनाया है। परिषद के संज्ञान में आया है कि विभिन्न सरकारी विभागों के स्वामित्व वाली बहुमूल्य भूमि राजस्व अभिलेखों तथा खतौनी में दर्ज नहीं है, जिससे अतिक्रमण की गंभीर आशंकाएं बनी रहती हैं। इस प्रशासनिक शिथिलता को समाप्त करने के लिए 10 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में एक ‘विशेष राजस्व अभियान’ चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत सभी सरकारी विभागों की भूमियों का नाम खतौनी में अनिवार्य रूप से अंकित किया जाएगा तथा त्रुटियों में अविलंब सुधार/नामांतरण सुनिश्चित किया जाएगा।
एडीएम स्तर के अधिकारी संभालेंगे कमान; लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही
राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि इस समयबद्ध अभियान की कमान जनपद स्तर पर अपर जिलाधिकारी (ADM) स्तर के नोडल अधिकारियों के हाथ में होगी। सभी जिलाधिकारियों को संबंधित विभागों के साथ तत्काल बैठकें आयोजित करने और 25 जुलाई तक समस्त शासकीय भूमि का शत-प्रतिशत अंकन पूर्ण करने की समय-सीमा (Deadlines) दी गई है। इस महा-अभियान की प्रगति रिपोर्ट 31 जुलाई 2026 तक शासन को प्रेषित की जाएगी।



