उत्तर प्रदेश

खाद्य माफियाओं पर योगी सरकार का वज्रपात: नकली सॉस और मिलावटी उत्पादों के खिलाफ प्रदेशव्यापी महाअभियान

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

उत्तर प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और दंडात्मक कार्रवाई की है। आयुक्त के निर्देश पर फल एवं सब्जी उत्पादों—यथा सॉस, जैम, जेली, मयोनीज़, चटनी और अचार निर्माण इकाइयों पर चार दिनों तक व्यापक और औचक छापामार प्रवर्तन अभियान चलाया गया। इस विशेष अभियान के तहत विभाग ने लगभग 496 बड़े प्रतिष्ठानों व गोदामों का सघन निरीक्षण कर मिलावटखोरों के सिंडिकेट को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।

८०१ सैंपल लैब भेजे गए; ३३८ क्विंटल से अधिक जहरीला माल जब्त, कई अवैध फैक्ट्रियां सील

अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राज्यभर से कुल 801 संदिग्ध नमूने अत्याधुनिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग ₹27.77 लाख मूल्य का 338.61 क्विंटल संदिग्ध खाद्य पदार्थ तत्काल प्रभाव से जब्त (Seize) कर लिया। इसके साथ ही, अस्वास्थ्यकर और सड़ी-गली परिस्थितियों में तैयार किए जा रहे ₹17.56 लाख मूल्य के 259.33 क्विंटल मानकविहीन खाद्य पदार्थों को मौके पर ही पूरी तरह से नष्ट (Destroy) करा दिया गया।

लखनऊ से कानपुर और गाजियाबाद तक बड़े पैमाने पर जब्ती; शाहजहांपुर और उन्नाव में संगीन FIR दर्ज

इस महाअभियान के दौरान गंभीर वित्तीय व आपराधिक धोखाधड़ी पाए जाने पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की गई:

  • कानपुर नगर: ‘विशाल भारत इंडस्ट्रीज’ से ₹23.22 लाख मूल्य का 8,600 लीटर एक्सपायर्ड सॉस नष्ट कराया गया तथा ‘श्री कांत अचार वाले’ के परिसर को सील कर 3,060 किग्रा अचार जब्त हुआ।
  • लखनऊ: ‘नीलांस इंटरप्राइजेज’ से 2,269 किग्रा कालातीत अचार व चिली सॉस नष्ट किया गया, वहीं बिना लाइसेंस चल रही ‘बाबा फूड प्रोडक्ट्स’ को तत्काल बंद कराया गया।
  • गाजियाबाद व हाथरस: गाजियाबाद में दो अवैध अचार फैक्ट्रियों को सीज किया गया, जबकि हाथरस में ‘मेहता एग्रो’ से 6,300 किग्रा दूषित अचार नष्ट कराया गया।
  • संगीन आपराधिक मुकदमे: उन्नाव में सिंथेटिक रंग से नकली सॉस बनाने और शाहजहांपुर में खराब सौंफ को रासायनिक रंगों से चमकाने के जुर्म में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है।

छोटे खुदरा दुकानदारों को राहत; गलत कार्यों में लिप्त बड़े सिंडिकेट पर रहेगी पैनी नजर

विभाग ने साफ तौर पर यह प्रशासनिक निर्देश जारी किया है कि इस दंडात्मक कार्रवाई के दायरे से छोटे खुदरा विक्रेताओं, हाकरों और 50 किग्रा से कम निर्माण करने वाले छोटे कारोबारियों को पूर्णतः पृथक रखा जाए ताकि उनका कोई उत्पीड़न न हो। सरकार का पूरा ध्यान केवल उन संगठित विनिर्माताओं पर है जो बड़े पैमाने पर नकली व मानकविहीन खाद्य उत्पाद बाजार में खपा रहे हैं।

Related Articles

Back to top button