इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार पर छात्रा के यौन उत्पीड़न का आरोप: विशेष कोर्ट के आदेश पर संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
राजधानी लखनऊ के गुड़म्बा थाना क्षेत्र स्थित इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है । विश्वविद्यालय की एक दलित छात्रा ने संस्थान के रजिस्ट्रार मोहम्मद हारिस सिद्दीकी पर केबिन में बंधक बनाकर यौन उत्पीड़न करने, अश्लील हरकतें करने और जातिसूचक गालियां देने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है । पुलिस के स्तर पर सुनवाई न होने पर पीड़िता ने विशेष एससी/एसटी कोर्ट की शरण ली, जिसके आदेश के बाद गुड़म्बा पुलिस ने मुक़दमा दर्ज कर मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है ।
केबिन में बंधक बनाकर अस्मत की मांग, विरोध पर जातिसूचक अपमान पीड़ित छात्रा इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में फार्मा-डी (डाक्टर ऑफ फार्मेसी) चतुर्थ सेमेस्टर की पढ़ाई कर रही है । बीमारी के कारण दो विषयों में बैक आने की समस्या को लेकर वह 16 फरवरी 2026 को रजिस्ट्रार मोहम्मद हारिस सिद्दीकी से मिलने गई थी । आरोप है कि रजिस्ट्रार ने उसे शाम करीब 4:30 बजे से 7:00 बजे तक बैठाए रखा और फिर केबिन के अंदर बुलाकर समस्या निवारण के बदले शारीरिक संबंध (सम्भोग) बनाने का दबाव डाला । विरोध करने पर आरोपी ने छात्रा का हाथ खींचकर उसके गुप्तांगों व स्तनों से छेड़छाड़ की और ‘पासी की औलाद’ कहकर अत्यंत अपमानजनक जातिसूचक गालियां दीं ।
मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी, सह-आरोपियों का दबाव प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता जब चिल्लाते हुए जान बचाकर भागी, तो आरोपी रजिस्ट्रार ने उसे और उसके परिवार को जान से मरवाने की धमकी दी । पीड़िता ने जब पुलिस में शिकायत करने का प्रयास किया, तो सह-आरोपी उज्जमी और रज्जन खान ने मोबाइल फोन के जरिए पीड़िता पर आरोपी रजिस्ट्रार के खिलाफ कार्रवाई न करने का भारी दबाव बनाया और बात न मानने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी ।
बीएनएसएस और एससी/एसटी एक्ट की कड़ी धाराओं में केस दर्ज थाना प्रभारी अंजनी कुमार मिश्रा ने बताया कि कोर्ट के आदेशानुसार आरोपी मोहम्मद हारिस सिद्दीकी, उज्जमी और रज्जन खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 (महिला की लज्जा भंग करना), 352 (आपराधिक बल प्रयोग), 351(3) (जान से मारने की धमकी) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(va) के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया है । मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विवेचना उप पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सिंह को सौंपी गई है ।



