सनातन चेतना का विराट उत्सव: मेरठ के कांवड़ शिविरों में गूंजा सेवा, समर्पण और श्रद्धा का संदेश
'जहाँ शिव की भक्ति, वहीं राष्ट्र की सांस्कृतिक शक्ति'

भाजपा नेता विनीत अग्रवाल शारदा ने अनेक कांवड़ सेवा शिविरों का किया भ्रमण
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
। श्रावण मास में आस्था, सेवा और समर्पण का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा ने मेरठ के विभिन्न कांवड़ सेवा शिविरों का व्यापक दौरा कर शिवभक्त कांवड़ियों का स्वागत एवं सम्मान किया। अनेक शिविरों में उन्होंने पुष्पवर्षा, अंगवस्त्र एवं “हर-हर महादेव” के जयघोष के बीच शिवभक्तों का अभिनंदन किया।
भव्य शिविर का हुआ शुभारंभ
वेदव्यासपुरी स्थित शुभ भारती पुलिस चौकी के सामने आयोजित चतुर्थ विशाल कांवड़ सेवा शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में विनीत अग्रवाल शारदा ने किया। शिविर का आयोजन राजू शर्मा, पवन शर्मा, सुधीर चौहान, मोनू कुमार, अनिल यादव एवं सागर राज के संयुक्त नेतृत्व में किया गया, जहां हजारों कांवड़ियों के लिए भोजन, जलपान, चिकित्सा, विश्राम एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की गई।
कांवड़ यात्रा को बताया राष्ट्रचेतना का महापर्व
सभा को संबोधित करते हुए विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सेवा, अनुशासन, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति का विराट जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार और गंगोत्री से गंगाजल लेकर शिवालयों तक पहुँचने वाले लाखों श्रद्धालु भारत की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए हैं।
मोदी-योगी नेतृत्व की सराहना
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करना सीखा है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को अभूतपूर्व सुरक्षा, सम्मान और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं मिली हैं। उनके अनुसार आज श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा से स्वागत किया जाता है तथा प्रशासन उनकी सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
सेवा ही शिव की सच्ची आराधना
विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि कांवड़ियों की सेवा ही भगवान भोलेनाथ की सच्ची सेवा है। उन्होंने सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और सेवा शिविर संचालकों की सराहना करते हुए कहा कि श्रावण मास का यह महापर्व सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करता है।
आस्था के साथ सामाजिक समरसता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी सेवा शिविरों की व्यवस्थाओं की सराहना की। पूरे वातावरण में भक्ति, सेवा और अनुशासन का अद्भुत समन्वय देखने को मिला, जिसने कांवड़ यात्रा को केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक सहभागिता का भी सशक्त उदाहरण बना दिया।


