उत्तर प्रदेश

जीएसटी अफसरों की बैठक में ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर कैडर रिव्यू तक उठे बड़े सवाल

कामिनी रतन चौहान बोलीं—स्थानांतरण व्यवस्था में संतुलन जरूरी, 2010 से लंबित कैडर रिव्यू पर शासन में रखेंगे पक्ष

‘वन ट्रिलियन इकोनॉमी’ के लक्ष्य में यूपीजीएसटी की भूमिका अहम, जनता के भ्रम दूर करने पर जोर

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क |

लखनऊ। स्टेट जीएसटी ऑफिसर्स एसोसिएशन की 25वीं वार्षिक आमसभा में विभागीय चुनौतियों, ट्रांसफर-पोस्टिंग व्यवस्था, कैडर रिव्यू और उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति में जीएसटी विभाग की भूमिका को लेकर गंभीर मंथन हुआ। प्रमुख सचिव कामिनी रतन चौहान ने अधिकारियों के सामने स्थानांतरण व्यवस्था की जटिलताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रशासनिक निर्णय लेते समय सभी पक्षों की व्यावहारिक समस्याओं का संतुलित समाधान जरूरी है।

ट्रांसफर-पोस्टिंग की पेचीदगी

कामिनी रतन चौहान ने कहा कि स्थानांतरण के दौरान एक ओर लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारी हटना नहीं चाहते, वहीं दूसरी ओर दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत अधिकारी नजदीकी तैनाती के लिए न्यायालय अथवा अन्य आदेशों का सहारा लेकर अपनी मांग रखते हैं। ऐसे हालात में प्रशासन के सामने संतुलित व्यवस्था बनाने की चुनौती खड़ी हो जाती है।

उन्होंने बताया कि इसी समस्या को देखते हुए ऐसा व्यावहारिक रास्ता अपनाने का प्रयास किया गया, जिसमें दूरस्थ तैनाती वाले अधिकारियों को अपेक्षाकृत नजदीक और नजदीक तैनात अधिकारियों को दूसरे स्थान पर भेजा गया, जबकि तैनाती को लगभग 25 किलोमीटर के दायरे में रखने का प्रयास किया गया।

2010 से कैडर रिव्यू लंबित

प्रमुख सचिव ने कहा कि यूपीजीएसटी के कैडर का वर्ष 2010 से व्यापक रिव्यू नहीं हुआ है। उन्होंने संकेत दिया कि इस विषय को शासन के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा, ताकि उत्तर प्रदेश जीएसटी विभाग में भी कैडर की आवश्यकता और कार्यभार के अनुरूप अधिकारियों को बेहतर अवसर और प्रभावी कार्यक्षेत्र मिल सके।

वन ट्रिलियन इकोनॉमी पर फोकस

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की दिशा में आगे बढ़ाने में जीएसटी विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। आम नागरिकों की सुविधाओं और आवश्यकताओं से जुड़े सरकारी संसाधनों में विभाग का योगदान महत्वपूर्ण हिस्सा रखता है। इसलिए अधिकारियों को राजस्व के साथ-साथ जनहित और सुगम कर व्यवस्था पर भी ध्यान देना होगा।

भ्रम दूर करे विभाग

कामिनी रतन चौहान ने कहा कि जीएसटी को लेकर आम जनता और व्यापारियों के बीच मौजूद भ्रम को संवाद के माध्यम से दूर करना जरूरी है। उन्होंने ऐसे अधिकारियों की आवश्यकता पर जोर दिया जो केवल नियम लागू करने तक सीमित न रहें, बल्कि लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान भी करें।

कल होगा चुनावी फैसला

दो दिवसीय आयोजन में अगले दिन नई कार्यकारिणी के गठन और चुनाव की प्रक्रिया प्रस्तावित है। अध्यक्ष पद के लिए दो तथा महासचिव पद के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। बैठक में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए सहायक आयुक्तों, उपायुक्तों एवं अन्य अधिकारियों ने खुलकर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम में उपायुक्त पूनम गुप्ता, ज्योति कुमार शुक्ला, अनिल मिश्रा, प्रशांत कुमार सिंह सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे। आमसभा ने विभागीय संवाद, संगठनात्मक मजबूती और प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण चर्चा को सामने रखा।

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