लखनऊ

व्यापारियों की आवाज़ को मिला प्रशासन का मंच

कर प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर, नियमित संवाद की उठी मांग

राज्य कर विभाग और व्यापारियों के बीच खुला संवाद, कर समस्याओं के समाधान पर बनी सहमति

गुरुद्वारा रोड व्यापारी संवाद कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों ने दिए त्वरित निस्तारण के भरोसे

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क |

लखनऊ। राजधानी के गुरुद्वारा रोड स्थित व्यापारिक क्षेत्र में आयोजित व्यापारी संवाद कार्यक्रम ने राज्य कर विभाग और व्यापारिक समुदाय के बीच संवाद एवं विश्वास की नई मिसाल पेश की। कार्यक्रम में राज्य कर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने व्यापारियों की कर संबंधी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके व्यावहारिक, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विभाग और व्यापारिक समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा कर प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी एवं व्यवसाय-अनुकूल बनाना रहा।

खुला संवाद, त्वरित समाधान पर जोर

कार्यक्रम में खंड-11 के अधिकारियों ने व्यापारियों के साथ खुली चर्चा करते हुए जीएसटी, कर अनुपालन, विभागीय प्रक्रियाओं तथा अन्य प्रशासनिक विषयों पर उठे सवालों का विस्तार से उत्तर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता व्यापार को सुगम बनाना तथा करदाताओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है।

वरिष्ठ अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर श्री विशाल चौधरी, सुश्री शुभा सिंह (सहायक आयुक्त), श्री कुंवर रविश (उपायुक्त) तथा श्री संजय सिंह (राज्य कर अधिकारी, खंड-05) विशेष रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने व्यापारियों से प्राप्त सुझावों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें विभागीय स्तर पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया।

व्यापार मंडल ने सराहा संवाद का प्रयास

कार्यक्रम में गुरुद्वारा रोड व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्री असित अग्रवाल (आशीष), कोषाध्यक्ष श्री राज कुमार अग्रवाल, श्री सौरभ जैन, श्री नीलेश अग्रवाल (टाटा) तथा नाका परिक्षेत्र के अनेक प्रतिष्ठित व्यापारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। व्यापारियों ने कहा कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम न केवल समस्याओं के समाधान में सहायक हैं, बल्कि विभाग और व्यापारिक समाज के बीच विश्वास एवं सहयोग को भी मजबूत करते हैं।

नियमित संवाद से बढ़ेगा विश्वास

व्यापारियों ने सुझाव दिया कि ऐसे संवाद कार्यक्रम नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाएं, ताकि बदलते कर नियमों की जानकारी समय पर मिल सके और व्यापारिक गतिविधियों में अनावश्यक बाधाएं न आएं। विभागीय अधिकारियों ने भी भविष्य में ऐसे संवाद मंचों को जारी रखने की सकारात्मक प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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