लखनऊ में पूर्व सैनिक बैंकर्स की महापंचायत: ट्रेड यूनियनों के बिखराव पर फूटा गुस्सा

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
जंग के मैदान से लेकर बैंक के काउंटरों तक देश की सेवा करने वाले पूर्व सैनिकों ने अब आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। जियामऊ के विश्व संवाद केंद्र में ‘अखिल भारतीय भूतपूर्व सैनिक बैंकर्स कल्याण समिति’ का प्रांतीय सम्मेलन आयोजित किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद राठौर ने वर्तमान श्रम कानूनों के बहाने पूर्व सैनिक बैंकर्स की ट्रेड यूनियनों के लगातार हो रहे बिखराव और उनके घटते वजूद पर गहरी चिंता और तीखा आक्रोश व्यक्त किया।
आर-पार की जंग: अब कागजी नहीं, जमीनी स्तर पर दिखेगा दम!
राठौर ने साफ शब्दों में कहा कि राष्ट्रीयकृत, ग्रामीण, निजी बैंकों और एनबीएफसी (NBFC) में कार्यरत जल, थल, वायु सेना तथा अर्धसैनिक बलों के रिटायर्ड जवानों के लिए एक ऐसे दमदार और पारदर्शी संगठन की जरूरत है जो उनके हकों की रक्षा कर सके। समिति का एकमात्र मकसद एक ऐसा मजबूत अखिल भारतीय मंच तैयार करना है, जिसका संविधान पूरी तरह पारदर्शी हो और जो कम से कम आर्थिक बोझ के साथ जमीनी स्तर पर पूर्व सैनिकों की आवाज को बुलंद कर सके।
नए श्रम कानून या अस्तित्व पर खतरा? दिग्गजों ने भरी हुंकार
सम्मेलन में नए श्रम कानूनों के कारण छोटी पूर्व सैनिक ट्रेड यूनियनों पर मंडराते खतरों और पैरेन्टल यूनियनों के साथ तालमेल की जरूरत पर जमकर बहस हुई। धीरेंद्र सिंह, मृगांक श्रीवास्तव, संजय राय और राजेश जायसवाल समेत दर्जनों वक्ताओं ने पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए एक साझा मंच की जरूरत पर बेहद आक्रामक और जोरदार तरीके से अपना पक्ष रखा।
प्रयागराज के संजय राय बने यूपी के नए ‘सेनापति’
विस्तृत विचार-विमर्श और हंगामेदार चर्चा के बाद समिति का नया संविधान सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। इसके साथ ही पंजाब नेशनल बैंक, प्रयागराज में कार्यरत श्री संजय राय को सर्वसम्मति से उत्तर प्रदेश इकाई का नया प्रांतीय अध्यक्ष चुना गया। संरक्षक धीरेंद्र सिंह ने सभी सदस्यों को एकजुटता और समर्पण का मंत्र दिया, जिसके बाद सामूहिक वंदेमातरम् के उद्घोष के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।



