नशे के खिलाफ लखनऊ में महाअभियान: चिनहट और सरोजनी नगर में नालसा (DAWN) स्कीम के तहत फूंक द गया जागरूकता का बिगुल

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नशे के काले कारोबार और इसकी जानलेवा लत के खिलाफ एक बेहद आक्रामक और निर्णायक जंग की शुरुआत हो चुकी है। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कड़े दिशा-निर्देशों पर चलते हुए, जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) मलखान सिंह के कुशल मार्गदर्शन और सचिव कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा के ओजस्वी निर्देशन में चिनहट और सरोजनी नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में एक विशाल विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन NALSA (DAWN) स्कीम 2025 (Drug Awareness and Wellness Navigation for a Drug-Free India) के अंतर्गत किया गया, जिसका एकमात्र संकल्प भारत को पूरी तरह नशामुक्त बनाना है।
इस हाई-वोल्टेज अभियान को जमीन पर उतारने का जिम्मा पराविधिक स्वयं सेवक राजेश कुमार और दयाराम मौर्य ने संभाला। शिविर में मौजूद जनसैलाब को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने नशे के उस भयानक सच से रूबरू कराया, जो न सिर्फ इंसान के शरीर को खोखला करता है, बल्कि उसके मानसिक संतुलन और सामाजिक प्रतिष्ठा को भी तार-तार कर देता है। कार्यक्रम में कड़े तेवरों के साथ एनडीपीएस (NDPS) कानूनों, पीड़ितों के अधिकारों और सरकार की मुफ्त विधिक सहायता व पुनर्वास (Rehabilitation) योजनाओं की दहाड़ गूंजी।
वक्ताओं ने युवाओं को ललकारते हुए कहा कि वे इस धीमे जहर से खुद को दूर रखें और एक सशक्त, सकारात्मक जीवन शैली को गले लगाएं। इस दौरान दयाराम मौर्य ने दोटूक शब्दों में कहा, “नशा सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और हंसते-खेलते समाज को श्मशान बना देता है। अगर हमें एक मजबूत राष्ट्र चाहिए, तो सामूहिक रूप से इस बुराई को उखाड़ फेंकना होगा।” इस ऐतिहासिक अभियान की गवाह चिनहट CHC में चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कारूष, डॉ. शोभना यादव, गोपाल यादव, सिद्धेश्वर मिश्रा और युवा विधिक इंटर्न राहुल व रविषेक यादव बने। वहीं, सरोजनी नगर CHC में अधीक्षक डॉ. दिलीप कुमार भार्गव के साथ ‘आशा’ और ‘एएनएम’ कार्यकर्ताओं की फौज ने इस मिशन को घर-घर तक पहुंचाने की कसम खाई।



