उत्तर प्रदेश बनेगा देश का अगला एआई हब: CII टेक समिट में रोडमैप तैयार

निश्चय टाइम्स न्यूज़ डेस्क
लखनऊ में आयोजित भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के ‘यूपी एआई टेक समिट 2026’ में उत्तर प्रदेश को देश के शीर्ष आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब के रूप में विकसित करने का व्यापक रोडमैप तैयार किया गया। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में उद्योग जगत के प्रमुख दिग्गजों, नीति निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने आर्थिक समृद्धि एवं लोक कल्याण के लिए एआई तकनीक के प्रभावी उपयोग पर गहन विचार-विमर्श किया।
कृषि और एग्री-टेक पर सरकार का विशेष फोकस
आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप राज्य सरकार नवाचार और निवेश के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश की स्टार्टअप नीति अब विशेष रूप से एग्री-टेक पर केंद्रित है। एआई का उपयोग फसलों की उत्पादकता बढ़ाने तथा किसानों की आय में गुणात्मक वृद्धि के लिए किया जाएगा, साथ ही इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाएगा।
24 करोड़ की आबादी: एआई मॉडल के लिए अपार डेटा संसाधन
प्रमुख सचिव (आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स) आलोक कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 24 करोड़ की विशाल जनसंख्या अब चुनौतियों को पीछे छोड़कर वैश्विक एआई कंपनियों के लिए डेटा प्रशिक्षण का सबसे बड़ा संसाधन बन गई है। राज्य सरकार यूपी से निकले वैश्विक तकनीकी दिग्गजों और प्रतिभाओं का एकीकृत डेटाबेस तैयार कर रही है, ताकि उन्हें राज्य की विकास यात्रा से जोड़ा जा सके।
पाँच स्तंभों पर आधारित होगा एआई-फर्स्ट भविष्य
इनमोबी की ग्लोबल एसवीपी डॉ. सुबी चतुर्वेदी ने सम्मेलन में कहा कि यूपी को टेक दिग्गजों की नई प्रयोगशाला बनाना ही मुख्य ध्येय है। उन्होंने एआई-संचालित भविष्य के निर्माण के लिए पाँच प्रमुख स्तंभों—कंप्यूट, डेटा, टैलेंट, एप्लीकेशन और ट्रस्ट (भरोसा)—पर काम करने की रणनीति साझा की। सम्मेलन का समापन एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और नैतिक एआई इकोसिस्टम के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।



