पीएनबी ने रचा मुनाफे का नया इतिहास
पहली तिमाही में 213.6% की छलांग, ₹5,253 करोड़ का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ

एनपीए में बड़ी गिरावट, कारोबार ने छुआ ₹30 लाख करोड़ का आंकड़ा
दक्षिण और पश्चिम भारत में विस्तार की तैयारी, रिटेल और एमएसएमई बने विकास के इंजन
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
सार्वजनिक क्षेत्र के अग्रणी बैंक पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन करते हुए बैंकिंग जगत को चौंका दिया है। बैंक का शुद्ध लाभ वर्ष-दर-वर्ष 213.6 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि के साथ ₹5,253 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹1,675 करोड़ था।
शनिवार को वित्तीय परिणाम जारी करते हुए पीएनबी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी अशोक चंद्र ने कहा कि बैंक केवल कारोबार नहीं बढ़ा रहा, बल्कि गुणवत्ता और लाभप्रदता दोनों मोर्चों पर नई ऊंचाइयां स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि बैंक की रणनीति अब दक्षिण और पश्चिम भारत में मजबूत विस्तार की है। बेंगलुरु में नया जोनल कार्यालय, मंगलूरु में सर्किल कार्यालय तथा लगभग 250 नई शाखाओं के माध्यम से ग्राहक आधार बढ़ाया जाएगा।
बैंक का वैश्विक कारोबार 10.2 प्रतिशत बढ़कर ₹29.97 लाख करोड़ तक पहुंच गया। वैश्विक जमा में 8.5 प्रतिशत तथा वैश्विक ऋण में 12.7 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई। वहीं पूंजी पर्याप्तता अनुपात बढ़कर 18.13 प्रतिशत और प्रति शेयर बुक वैल्यू ₹108.58 हो गई।
संपत्ति गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। सकल एनपीए 3.78 प्रतिशत से घटकर 2.78 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए 0.38 प्रतिशत से घटकर 0.28 प्रतिशत पर पहुंच गया। वहीं सीडी रेशियो 73.8 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष 71.1 प्रतिशत था।
रिटेल, कृषि और माइक्रो एंटरप्राइज क्षेत्र बैंक की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं। कोर रिटेल ऋण में 17.5 प्रतिशत, आवास ऋण में 11.9 प्रतिशत, वाहन ऋण में 34.4 प्रतिशत तथा एमएसएमई अग्रिमों में 19.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। परिचालन लाभ भी बढ़कर ₹7,519 करोड़ पहुंच गया।
पीएनबी का यह प्रदर्शन न केवल बैंक की मजबूत रणनीति और वित्तीय अनुशासन का प्रमाण है, बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकिंग सेक्टर में बढ़ते विश्वास और स्थिर विकास की नई कहानी भी लिखता है।



