स्टील सेक्टर में स्किल क्रांति: NISST से उद्योग-उन्मुख ट्रेनिंग को नई उड़ान
2030 तक 300 मिलियन टन लक्ष्य, लाखों नौकरियों के लिए ‘स्किल इंडिया’ को मिला बड़ा बूस्ट

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
इस्पात क्षेत्र में कौशल विकास को नई दिशा देते हुए संदीप पौंड्रिक ने पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ स्थित राष्ट्रीय द्वितीयक इस्पात प्रौद्योगिकी संस्थान (NISST) में विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का उद्घाटन किया। यह पहल खास तौर पर ITI छात्रों और द्वितीयक इस्पात उद्योग में कार्यरत कर्मचारियों को उद्योग के अनुरूप व्यावहारिक कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
कार्यक्रम में इस्पात मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग संगठनों और सेक्टर के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर इस पहल का समर्थन किया। संदीप पौंड्रिक ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का इस्पात उत्पादन 2030 तक 200 से 300 मिलियन टन तक पहुंच सकता है, जिससे रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर 1 मिलियन टन उत्पादन के लिए 1,500 से 2,000 श्रमिकों की आवश्यकता होती है, ऐसे में आने वाले वर्षों में कुशल जनशक्ति की भारी मांग होगी।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल सैद्धांतिक ज्ञान से काम नहीं चलेगा, बल्कि व्यावहारिक और उद्योग-आधारित प्रशिक्षण ही युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करेगा। इसी दिशा में NISST को एक राष्ट्रीय स्तर के आवासीय प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है, जो देशभर के प्रशिक्षुओं को लाभ पहुंचाएगा।
इस पहल के तहत उद्योग जगत से भी अपील की गई कि वे ITI छात्रों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रायोजित करें। इसका उद्देश्य एक मजबूत, कुशल और प्रतिस्पर्धी कार्यबल तैयार करना है, जो भारत के औद्योगिक विकास को गति दे सके।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरणीय दृष्टिकोण को भी प्राथमिकता दी गई, जहां चार औद्योगिक इकाइयों को ‘ग्रीन स्टील प्रमाणन’ देकर सतत उत्पादन की दिशा में उनके प्रयासों को सराहा गया। यह कदम भारत को हरित और टिकाऊ औद्योगिक विकास की ओर आगे बढ़ाने का संकेत देता है।



