लखनऊ

नकली दवाओं का सिंडिकेट: अमीनाबाद की अपोलो फार्मेसी पर कसा शिकंजा

निश्चय टाइम्स न्यूज़ डेस्क

राजधानी लखनऊ के दवा बाजार अमीनाबाद में नकली औषधियों के खौफनाक कारोबार ने मरीजों की जान को सीधे जोखिम में डाल दिया है । खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) के छापों में यह खुलासा हुआ है कि प्रतिष्ठित नाम की आड़ में मेसर्स अपोलो फार्मेसी, अमीनाबाद जैसी दुकानें नकली और संदिग्ध दवाओं को खपाने के संगठित गिरोह का हिस्सा बनी हुई थीं

सरकारी शिक्षक ही निकला नकली दवाओं का सौदागर

विभागीय जांच में सामने आया कि अमीनाबाद स्थित अपोलो फार्मेसी का संचालन कोई योग्य फार्मासिस्ट नहीं, बल्कि बाराबंकी के प्राथमिक विद्यालय में तैनात अध्यापक अविनाश चौधरी कर रहा था । शिक्षा जैसे पवित्र पेशे की आड़ में यह आरोपी फर्जी बिलिंग और कागजी हेरफेर के जरिए भारी मात्रा में नकली दवाएं बाजार में सप्लाई कर रहा था । पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की है

बिना भौतिक आपूर्ति के क्रॉस-बिलिंग का मकड़जाल

अपोलो फार्मेसी सहित कई अन्य फर्मों द्वारा बिना किसी वास्तविक दवा आपूर्ति के कागजी लेनदेन और फर्जी बिल बनाए जा रहे थे । इस संगठित सिंडिकेट ने असली जीवनरक्षक दवाओं की लैंडिंग कॉस्ट से भी कम कीमत पर कागजों में सौदे दिखाकर बाजारों में नकली एंटीबायोटिक्स और दवाएं उतार दीं

स्वास्थ्य तंत्र पर गहराता अविश्वास का संकट

अमीनाबाद के दवा बाजार से उत्तराखंड और राजस्थान तक फैले इस अंतरराज्यीय नेटवर्क ने पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे की पोल खोल दी है । सरकारी संरक्षण में चल रहे इस अवैध कारोबार और लाइसेंस आवंटन में बरती गई घोर लापरवाही के कारण अब आम मरीजों के लिए मेडिकल स्टोर से खरीदी गई किसी भी दवा पर भरोसा करना नामुमकिन हो गया है ।

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