
सरकारी योजनाओं से जोड़ने का अभियान
SC-ST उद्यमियों को मिला व्यवसाय विस्तार का सशक्त मंच
GeM, PMEGP और Stand-Up India योजनाओं की दी विस्तृत जानकारी
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमियों को आत्मनिर्भर भारत अभियान से जोड़ने और सरकारी खरीद प्रणाली में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में सुल्तानपुर में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति हब (NSSH), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय तथा दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (DICCI) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित उद्यमी जागरूकता एवं विशेष विक्रेता विकास कार्यक्रम ने नए और मौजूदा उद्यमियों को विकास का मजबूत मंच उपलब्ध कराया।
कार्यक्रम का शुभारंभ एनएसएसएच लखनऊ के मुख्य प्रबंधक रवि ओरन, डिक्की उत्तर प्रदेश चैप्टर के अध्यक्ष मनीष वर्मा, डॉ. राजेश गौतम, शैलेन्द्र कुमार भीम तथा सुरेश कुमार बौद्ध ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्य प्रबंधक रवि ओरन ने कहा कि केंद्र सरकार अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के उद्यमियों को सरकारी खरीद प्रणाली से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने GeM पोर्टल, वेंडर पंजीकरण, सरकारी खरीद प्रक्रिया और विभिन्न वित्तीय सहायता योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
डिक्की के प्रदेश अध्यक्ष मनीष वर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम सामाजिक न्याय को आर्थिक सशक्तिकरण में बदलने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को सरकारी खरीद, उद्योग स्थापना और व्यवसाय विस्तार के नए अवसरों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में विभिन्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSE), बैंक प्रतिनिधियों, उद्योग विभाग तथा GeM पोर्टल के विशेषज्ञों ने वेंडर पंजीकरण, बैंक ऋण, Stand-Up India, PMEGP, उद्यम पंजीकरण तथा सरकारी खरीद नीति की विस्तृत जानकारी दी।
सफल उद्यमियों देव मणि सरोज, निर्मल जीत राज, प्रवेश कुमार, वीरेंद्र विक्रम सुमन एवं अन्य उद्यमियों ने अपनी संघर्ष और सफलता की प्रेरक कहानियां साझा करते हुए युवाओं को स्वरोजगार और उद्योग स्थापना के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के उद्यमियों, स्टार्टअप्स, स्वयं सहायता समूहों और युवा व्यवसायियों ने भाग लेकर विशेषज्ञों से सीधे संवाद किया तथा सरकारी योजनाओं और बाजार से जुड़ने के व्यावहारिक अवसरों की जानकारी प्राप्त की।
यह आयोजन केवल जागरूकता कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक समावेशन, आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक प्रभावशाली कदम बनकर उभरा।



