उत्तर प्रदेश

MSME की 79वीं सशक्त समिति बैठक में SC/ST उद्यमियों की वित्तीय राह आसान बनाने पर जोर

DICCI ने योजनाओं की जानकारी से लेकर ऋण स्वीकृति और वितरण तक मजबूत ग्राउंड-लेवल सपोर्ट की उठाई आवाज

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क |

MSME क्षेत्र से जुड़े SC/ST उद्यमियों को सरकारी योजनाओं और संस्थागत वित्त का वास्तविक लाभ दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। MSME की सशक्त समिति (Empowered Committee on MSME) की 79वीं बैठक 13 अगस्त 2026 को RBI बोर्ड रूम, लखनऊ में आयोजित हुई। बैठक में RBI, NABARD, SIDBI, MSME विभाग और विभिन्न उद्योग संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक में DICCI की ओर से देव मणि सरोज और नीतू जी ने सहभागिता की और SC/ST उद्यमियों के सामने वित्तीय संस्थानों से जुड़ी चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया। खास तौर पर इस बात पर जोर दिया गया कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल लक्ष्य तय करने और आंकड़े दर्ज करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका लाभ पात्र उद्यमियों तक जमीन पर दिखाई देना चाहिए।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही की समीक्षा की गई। विभिन्न सरकारी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों और उनके मुकाबले हुई उपलब्धियों का विभागवार आकलन किया गया।

DICCI ने सुझाव दिया कि SC/ST उद्यमियों को योजनाओं की जानकारी आसान भाषा में और व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराई जाए। आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ उद्यमियों को व्यावहारिक मार्गदर्शन और हैंडहोल्डिंग मिले, ताकि जानकारी के अभाव या प्रक्रिया की जटिलता के कारण कोई पात्र उद्यमी योजना से बाहर न रह जाए।

संगठन ने विभागों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत भी रेखांकित की। पात्र उद्यमियों के ऋण आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण, शीघ्र स्वीकृति और समय पर ऋण वितरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

DICCI की पहल का मूल संदेश स्पष्ट रहा—सरकारी योजना का वास्तविक मूल्य तभी है, जब उसका लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए मजबूत ग्राउंड-लेवल सपोर्ट और प्रभावी हैंडहोल्डिंग व्यवस्था जरूरी है।

बैठक में उठाए गए मुद्दों को संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं ने सकारात्मक रूप से स्वीकार किया। अधिकारियों ने SC/ST उद्यमियों को योजनाओं की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया तथा ऋण स्वीकृति एवं वितरण में बेहतर सहयोग देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

यह बैठक सरकारी योजनाओं, वित्तीय संस्थानों और SC/ST उद्यमियों के बीच मजबूत कड़ी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही। DICCI की सक्रिय भागीदारी आर्थिक सशक्तीकरण और वित्तीय समावेशन को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Related Articles

Back to top button