बैंक क्रेडिट में जबरदस्त उछाल: 15.9% ग्रोथ के साथ अर्थव्यवस्था को मिला बूस्ट
सर्विस, पर्सनल लोन और इंडस्ट्री सेक्टर में तेजी, NBFC और गोल्ड लोन ने दिखाई सबसे बड़ी छलांग

देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाले बैंकिंग सेक्टर से बड़ी खबर सामने आई है। मार्च 2026 तक बैंक क्रेडिट में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है, जिसने विकास की रफ्तार को नई ऊर्जा दी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, नॉन-फूड बैंक क्रेडिट में साल-दर-साल (YoY) 15.9% की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 10.9% की तुलना में काफी अधिक है। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि देश में निवेश, उपभोग और आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं।
कृषि और संबद्ध गतिविधियों में भी क्रेडिट ग्रोथ 15.7% रही, जो पिछले साल के 10.4% से कहीं बेहतर है। इससे साफ है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खेती-किसानी को भी मजबूत वित्तीय समर्थन मिल रहा है।
इंडस्ट्री सेक्टर में 15% की वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें माइक्रो और स्मॉल इंडस्ट्री ने सबसे ज्यादा 33.1% की तेज ग्रोथ दिखाई। मीडियम इंडस्ट्री में भी 21.7% की बढ़ोतरी हुई, जबकि बड़े उद्योगों में 8.9% की स्थिर वृद्धि दर्ज की गई। इंफ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग, मेटल और केमिकल सेक्टर जैसे क्षेत्रों में भी क्रेडिट की मजबूत मांग देखी गई, जो औद्योगिक विस्तार का संकेत देती है।
सर्विस सेक्टर इस बार सबसे आगे रहा, जहां 19% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई। खासतौर पर NBFCs में 26.3% की तेजी, कमर्शियल रियल एस्टेट में 19.9% और ट्रेड सेक्टर में 16.2% की वृद्धि ने इस सेक्टर को मजबूत आधार दिया। कंप्यूटर सॉफ्टवेयर (39%) और शिपिंग (42.2%) जैसे क्षेत्रों में तेज उछाल देखने को मिला, जो नई अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार से जुड़े संकेत हैं।
पर्सनल लोन सेगमेंट में भी 16.2% की वृद्धि दर्ज की गई। वाहन लोन (18.6%) और गोल्ड ज्वेलरी के खिलाफ लोन में 123.1% की जबरदस्त वृद्धि ने इस श्रेणी को खास बनाया। हालांकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में थोड़ी गिरावट (-5.3%) देखने को मिली, जबकि हाउसिंग लोन में स्थिर 11.5% की वृद्धि दर्ज हुई।
डेटा के अनुसार कुल बैंक क्रेडिट 21.36 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 16.1% की वृद्धि दर्शाता है। यह संकेत देता है कि बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी और लेंडिंग क्षमता दोनों मजबूत बनी हुई हैं।
प्रायोरिटी सेक्टर में भी अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज में 29.5% और रिन्यूएबल एनर्जी में 34.1% की वृद्धि ने भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेज क्रेडिट ग्रोथ भारत की आर्थिक मजबूती और बढ़ती मांग का प्रतीक है। अगर यह रफ्तार बरकरार रहती है, तो आने वाले समय में भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में और मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है।



