बुद्ध पूर्णिमा पर मायावती का संदेश—सत्य, अहिंसा और मानवता से ही बनेगा सशक्त भारत
‘अप्प दीपो भवः’ से आत्मनिर्भरता का मंत्र, सरकारों को भी निभानी होगी जिम्मेदारी

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क |
Mayawati ने Buddha Purnima के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए Gautam Buddha के आदर्शों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सत्य, अहिंसा, भाईचारा और मानवता की ज्योति को पूरी दुनिया में फैलाने वाले भगवान बुद्ध ने भारत को “जगद्गुरु” के रूप में वैश्विक सम्मान दिलाया।
उन्होंने कहा कि बुद्ध के सिद्धांत केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक जीवन के लिए भी दिशा दिखाते हैं। दूसरों के प्रति दया, करुणा, दानशीलता और इंसानियत को जीवित रखना आज के समय में बेहद जरूरी है, ताकि समाज में शांति और सौहार्द बना रहे।
Mayawati ने सरकारों की जिम्मेदारी पर भी जोर देते हुए कहा कि उन्हें बुद्ध के अनुयायियों और आम जनता को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, उन पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए और समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
उन्होंने B. R. Ambedkar के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने संविधान में समानता, न्याय और भाईचारे के सिद्धांतों को मजबूत आधार दिया, जिसे भुलाया नहीं जाना चाहिए।
अपने संदेश में उन्होंने यह भी कहा कि जाति भेद, हिंसा और द्वेष को त्यागकर ही समाज में वास्तविक सुख, शांति और प्रगति संभव है। बुद्ध पूर्णिमा का यह दिन केवल उत्सव नहीं, बल्कि संकल्प लेने का दिन है कि हम अपने जीवन में इन मूल्यों को अपनाएं।
उन्होंने बुद्ध के प्रसिद्ध संदेश “अप्प दीपो भवः” का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका अर्थ है—खुद शिक्षित बनें, आत्मनिर्भर बनें और अपने जीवन में स्वयं प्रकाश बनें। यही विचार देश को मजबूत और महान बनाने का आधार है।
अंत में Mayawati ने सभी से अपील की कि वे बुद्ध के आदर्शों पर चलकर देश को फिर से विश्व में अग्रणी स्थान दिलाने के लिए प्रयास करें।



