भाजपा के अहंकार में जल रहा उत्तर प्रदेश-अखिलेश यादव
बेरोजगारों के खिलाफ संवेदनहीनता की हद, सीएम आवास के सामने संविदाकर्मियों का आत्मदाह का प्रयास बेहद शर्मनाक: सपा

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के ठीक सामने रोडवेज संविदाकर्मियों द्वारा पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह करने के प्रयास की दिल दहला देने वाली घटना ने सूबे की सियासत में भूचाल ला दिया है। इस दर्दनाक घटना पर गहरा दुख और भयंकर आक्रोश जताते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी द्वारा जारी बयान में अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री आवास के सामने अपनी रोजी-रोटी के लिए जूझ रहे चालकों-परिचालकों का यह कदम भाजपा सरकार की चरम संवेदनहीनता और कुनीतियों का जीवंत और खौफनाक प्रमाण है।
अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता के अहंकार ने भाजपा नेतृत्व की आंखों पर पट्टी बांध दी है। सरकार इतनी अंधी और बहरी हो चुकी है कि उसे त्रस्त जनता की पुकार, गुहार और चीत्कार तक सुनाई नहीं दे रही है। प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार इस कदर हावी हो चुके हैं कि अब लोग नाउम्मीद होकर मौत को गले लगाने और आत्मदाह करने जैसे आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
नौकरी और रोजगार जीवन-मरण का सवाल, 9 साल में सिर्फ नफरत का राज
सपा मुख्य प्रवक्ता द्वारा जारी आधिकारिक बयान में अखिलेश यादव ने चेतावनी दी है कि हृदयहीन भाजपा सरकार को तुरंत होश में आना चाहिए।
- संविदाकर्मियों की मांगें पूरी करो: सरकार बिना किसी देरी के इन रोडवेज चालकों-परिचालकों की जायज मांगों का संज्ञान ले, ताकि भविष्य में ऐसी किसी अप्रिय और आत्मघाती घटना को होने से रोका जा सके।
- बर्बादी का शिकार यूपी: नौकरी और रोजगार किसी भी परिवार के लिए महज काम नहीं, बल्कि जीवन-मरण का सवाल होता है। भाजपा ने अपने 9 साल से अधिक के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश की शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली व्यवस्था को पूरी तरह चौपट और बर्बाद कर दिया है।
2027 में कुशासन का अंत: सपा प्रमुख ने गरजते हुए कहा कि भाजपा ने समाज में केवल नफरत फैलाने के अलावा कोई काम नहीं किया है। यह सरकार किसी की सगी नहीं है, केवल झूठे वादे कर जनता को गुमराह करती है। उत्तर प्रदेश की पीड़ित जनता अब इस तानाशाही और संवेदनहीन सरकार की असलियत जान चुकी है और साल 2027 के विधानसभा चुनाव में इस कुशासन को सत्ता से उखाड़ फेंकेगी।



