दिव्यांग शिक्षा में डिजिटल क्रांति: बिना राइटर कंप्यूटर पर परीक्षा दे रहे छात्र-कुलपति आचार्य संजय सिंह
प्रयागराज और वाराणसी में खुलेंगे रिज़नल सेंटर;

सुभाशीष संस्थान के निदेशक ऐश्वर्य श्रीवास्तव ने दिया डिजिटल प्रमोशन का मंत्र
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
दिव्यांगजनों के शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण को एक नई और आधुनिक दिशा देने के उद्देश्य से डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय (DSMNRU) ने रायबरेली में एक बेहद महत्वपूर्ण अंतर्विभागीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया। समाज कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तीकरण और शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य संजय सिंह ने शिक्षा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “सेवा, संवेदना और सहयोग आधारित शिक्षा ही हमारा संकल्प और ध्येय है।” उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ कागजी डिग्री बांटना नहीं, बल्कि हर दिव्यांग बच्चे को आत्मनिर्भर और समाजोपयोगी नागरिक बनाना है।
प्रयागराज-वाराणसी में खुलेंगे रीजनल सेंटर; 13 दृष्टिबाधित छात्रों ने रचा इतिहास
कुलपति आचार्य संजय सिंह ने बैठक में विश्वविद्यालय की दो सबसे बड़ी और अभूतपूर्व उपलब्धियों को साझा किया, जिसने कइयों को हैरान कर दिया:
- स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा: सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के दिव्यांग विद्यार्थियों को उनके घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रयागराज और वाराणसी में नए क्षेत्रीय केंद्र (Regional Centers) स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
- बिना राइटर के दी परीक्षा: तकनीकी विकास की मिसाल पेश करते हुए कुलपति ने बताया कि इस सत्र में विश्वविद्यालय के 13 दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने बिना किसी राइटर (लेखन सहायक) की मदद के, खुद कंप्यूटर के माध्यम से सफलतापूर्वक परीक्षा उत्तीर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
एडमिशन बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और पेड डिजिटल कैंपेन का सहारा
बैठक के दौरान विवि के सह-आचार्य डॉ. विजय शंकर शर्मा ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के जरिए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया और पात्रता मानदंडों की विस्तृत जानकारी दी।
जागरूकता का डिजिटल मॉडल: सुभाशीष संस्थान के निदेशक ऐश्वर्य श्रीवास्तव ने एक बेहतरीन सुझाव देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों तक विवि की पहुंच बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया आधारित जागरूकता अभियान, पेड डिजिटल प्रमोशन और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की मदद ली जानी चाहिए। रायबरेली के जिला समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधि मोहन त्रिपाठी और जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी विकास वर्मा ने इस मुहिम को पूरी तरह सपोर्ट करने और जमीनी स्तर पर सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान विवि प्रवक्ता प्रो. यशवंत वीरोदय सहित लखनऊ मंडल के उप निदेशक राजेश कुमार मिश्रा और कई कॉलेजों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।



