यूपी में पहली बार ‘स्मॉल लाइवस्टॉक कॉन्क्लेव-2026’ का शंखनाद; भेड़, बकरी पालन पर योगी सरकार दे रही 90% तक की भारी छूट
पशुपालन विभाग ने GFST और द गोट ट्रस्ट के साथ किया एमओयू; मंत्री धर्मपाल सिंह बोले— 'उद्यमियों के लिए निवेश का सुनहरा मौका'

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क:
उत्तर प्रदेश में लघु पशुपालन क्षेत्र को वैज्ञानिक और व्यावसायिक रूप से मजबूत बनाने के लिए आज एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई है। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दो दिवसीय ‘यू.पी. स्मॉल लाइवस्टॉक कॉन्क्लेव-2026’ का भव्य शुभारम्भ किया गया। प्रदेश में पहली बार आयोजित हुए इस कॉन्क्लेव का उद्घाटन पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री श्री धर्मपाल सिंह और राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा पासवान ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसका मुख्य उद्देश्य भेड़, बकरी और सूकर (पिगरी) पालन को ग्रामीण समृद्धि, पोषण और रोजगार का सबसे बड़ा साधन बनाना है।
रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार का बंपर 90% अनुदान पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा पशुधन संपन्न राज्य है, जहां लगभग 144.80 लाख बकरियां, 9.85 लाख भेड़ें और 4.09 लाख सूकर हैं। पशुपालकों की मदद के लिए सरकार इन व्यवसायों पर 90 प्रतिशत तक का भारी अनुदान दे रही है:
- बकरी पालन योजना: ₹60,000 की इकाई लागत पर 90% सब्सिडी। साल 2026-27 में 1,896 नई इकाइयां लगाने का लक्ष्य है।
- भेड़ पालन योजना: ₹1,70,000 की इकाई लागत पर 90% सब्सिडी। इस साल 225 इकाइयां स्थापित होंगी।
- सूकर पालन योजना: ₹1,47,400 की इकाई लागत पर 90% सब्सिडी के साथ 218 इकाइयां प्रस्तावित हैं।
तकनीक और नस्ल सुधार के लिए दो बड़े समझौते (MoU) ग्रामीण महिलाओं और छोटे किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पशुपालन विभाग ने इस मौके पर दो महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए। पहला समझौता ‘ग्लोबल फोरम फॉर सस्टेनेबल ट्रांसफॉर्मेशन’ (GFST) और दूसरा ‘द गोट ट्रस्ट’ के साथ हुआ। इसके तहत विभाग को तकनीकी सहयोग, नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन और ट्रेनिंग में बड़ी मदद मिलेगी।
अपर मुख्य सचिव श्री मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि यह कॉन्क्लेव श्वेत, नीली और गुलाबी (पिंक) क्रांति के जरिए राज्य को ‘1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ बनाने में मददगार साबित होगा।




