
— निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
पीलीभीत से 6 अप्रैल को शुरू हुई ‘समाजवादी सिख सामाजिक न्याय यात्रा’ का आज लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में भव्य समापन हुआ। भारी संख्या में जुटे सिख समाज के लोगों ने सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को कृपाण और सरोपा भेंट कर सम्मानित किया और 2027 में उन्हें पुनः मुख्यमंत्री बनाने का हुंकार भरा।
सिख बहादुर कौम, बीजेपी फैला रही नफ़रत: अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने सिख समाज की बहादुरी और कृषि क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना करते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा नफरत फैलाकर समाज को बांटना चाहती है, जबकि सिखों और किसानों पर आज देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने की बड़ी जिम्मेदारी है।
किसानों के साथ धोखा और ‘काले कानून’
- शहादत का अपमान: किसान आंदोलन में 750 किसान शहीद हुए, लेकिन भाजपा सरकार ने किसानों पर काले कानून थोपे।
- खाद और एमएसपी संकट: भाजपा राज में किसानों को फसलों की कानूनी एमएसपी नहीं मिल रही है और खाद की बोरी से 10 किलो की चोरी की जा रही है।
सपा सरकार देगी सिखों को राजनीतिक सम्मान
अखिलेश यादव ने वादा किया कि समाजवादी सरकार बनने पर सिखों को उचित राजनीतिक सम्मान मिलेगा, उनकी जमीनें सुरक्षित रहेंगी और बंदियों के लिए आवाज उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता 2024 की तरह 2027 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को उखाड़ फेंकेगी।
सिख समाज की मुख्य मांगें और गूंजे गगनभेदी नारे
यात्रा संयोजक कुलदीप सिंह भुल्लर के नेतृत्व में यह यात्रा प्रदेश के दर्जनों जिलों से होकर गुजरी। कार्यक्रम के दौरान डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार ‘सतश्री अकाल’ और ‘पीडीए जिंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा। सिख समाज ने प्रमुख मांगें उठाईं:
- 50 साल से काबिज लोगों को भूमिधरी अधिकार मिले।
- हरिद्वार में ज्ञान गोदड़ी साहिब गुरुद्वारा पुनः स्थापित हो।
- सिख आयोग का गठन हो और स्कूलों में सिख गुरुओं का इतिहास पढ़ाया जाए।
- श्रद्धेय मुलायम सिंह यादव जी को अकाल तख्त से सर्वोच्च सम्मान दिया जाए।



