सहकारिता में यूपी का डंका: बीमारू से ‘सरप्लस स्टेट’ बना उत्तर प्रदेश
एम-पैक्स और भारत टैक्सी से युवाओं को बंपर रोजगार!

यूपी बना सहकारिता का रोल मॉडल! भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राज्य स्तरीय सहकारी सप्ताह का भव्य आगाज हुआ। उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक और सहकारिता मंत्री श्री जे.पी.एस. राठौर ने दीप प्रज्वलित कर इस महा-उत्सव की शुरुआत की। उपमुख्यमंत्री ने हुंकार भरते हुए कहा कि साल 2014 से पहले जो देश 11वें नंबर की अर्थव्यवस्था था, वह आज चौथे नंबर पर है और उत्तर प्रदेश ‘बीमारू राज्य’ के कलंक को धोकर अब ‘सरप्लस राजस्व स्टेट’ बन चुका है।
‘भारत टैक्सी’ से युवाओं को स्वरोजगार का तोहफा
- रोजगार की नई उड़ान: कार्यक्रम में ड्राइवरों और वाहन स्वामियों को संगठित करने के लिए सहकारिता आधारित ‘भारत टैक्सी’ मॉडल लॉन्च किया गया।
- सस्ता लोन: सहकारिता मंत्री जे.पी.एस. राठौर ने घोषणा की कि सहकारी बैंकों के माध्यम से इस पहल से जुड़ने वाले युवाओं को रियायती दरों पर आसान लोन दिया जाएगा।
घाटे से मुनाफे में आए कोऑपरेटिव बैंक, डिजिटल क्रांति सहकारिता मंत्री ने बताया कि 2017 से पहले जो जिला सहकारी बैंक दम तोड़ चुके थे, उनमें से 16 बंद पड़े बैंकों को पुनर्जीवित किया गया है। आज 50 में से 46 बैंक शानदार मुनाफा कमा रहे हैं, जिन्होंने ₹152.78 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। इसके अलावा, प्रदेश की 6,840 एम-पैक्स समितियों को उर्वरक व्यापार के लिए ब्याज मुक्त कर्ज की सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹15 लाख की जा रही है। 5,686 पैक्स समितियों का पूरी तरह कंप्यूटरीकरण हो चुका है और क्यूआर कोड के जरिए ₹18 करोड़ से अधिक का डिजिटल लेनदेन किया जा चुका है।

शानदार प्रदर्शन करने वाले हुए सम्मानित समारोह के दौरान शानदार वित्तीय प्रदर्शन के लिए मुजफ्फरनगर, मेरठ और बिजनौर जिला सहकारी बैंकों को पुरस्कृत किया गया। साथ ही यूपी स्टेट कोऑपरेटिव बैंक की शाखाओं में ‘आधार सेवा’ का भी लाइव शुभारंभ किया गया, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह विधायकगण, प्रमुख सचिव सहकारिता अजय शुक्ला, सहकारिता आयुक्त एवं निबंधक योगेश कुमार, पीसीएफ के प्रबंध निदेशक श चंद्रभूषण सिंह, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज कुमार, यूआईडीएआई के उपमहानिदेशक प्रशांत कुमार सिंह, विभिन्न जिला सहकारी बैंकों एवं सहकारी संस्थाओं के अध्यक्षगण, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, किसान तथा बड़ी संख्या में सहकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


