जनशिकायतों पर प्रशासन का एक्शन मोड
सम्पूर्ण समाधान दिवस में 795 शिकायतें, 181 मामलों का मौके पर निस्तारण

मलिहाबाद में जिलाधिकारी ने स्वयं सुनी फरियादें, एक सप्ताह में गुणवत्तापूर्ण समाधान के सख्त निर्देश
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
जनसामान्य की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने एक बार फिर अपनी सक्रियता का प्रदर्शन किया। शनिवार को जनपद की सभी पांच तहसीलों में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 795 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 181 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर राहत प्रदान की गई। सबसे अधिक सक्रियता तहसील मलिहाबाद में देखने को मिली, जहां जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में 201 शिकायतों में से 72 मामलों का तत्काल निस्तारण किया गया।
जनता की समस्या सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शासन की मंशा है कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर, बिना अनावश्यक विलंब के सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष लंबित मामलों का विधिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अधिकतम एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए।
समयबद्ध कार्रवाई पर सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक शिकायत के निस्तारण के बाद संबंधित अधिकारी फोटो एवं वीडियो सहित आख्या प्रस्तुत करें और शिकायतकर्ता से स्वयं फोन कर फीडबैक लेना भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। उन्होंने चेताया कि केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक संतुष्टि ही प्रशासन की सफलता का पैमाना होगी।
पांचों तहसीलों का रिपोर्ट कार्ड
समाधान दिवस के दौरान तहसील सदर में 41 में से 3, मलिहाबाद में 201 में से 72, बीकेटी में 175 में से 38, मोहनलालगंज में 262 में से 52 तथा सरोजनीनगर में 116 में से 16 मामलों का मौके पर समाधान किया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा के साथ भेज दिया गया।
सबसे अधिक राजस्व और पुलिस से जुड़े मामले
प्राप्त शिकायतों में राजस्व विभाग के 397, पुलिस के 118, राजस्व-पुलिस संयुक्त 2, विकास विभाग के 43, शिक्षा के 4, स्वास्थ्य के 2, समाज कल्याण के 16, नगर निगम के 2 तथा अन्य विभागों के 211 प्रकरण शामिल रहे।
जिलाधिकारी ने दोहराया कि प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि शासन की जनकल्याणकारी व्यवस्था पर आमजन का विश्वास और मजबूत हो।



