
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क,
अक्सर यह देखा जाता है कि जब भी कोई आम नागरिक अपनी मेहनत की कमाई से कोई जरूरी सरकारी दस्तावेज बनवाने जाता है, तो उसे व्यवस्था में सेंध लगाए बैठे दलालों के मकड़जाल का सामना करना पड़ता है। ऐसा ही एक बड़ा अड्डा बन चुका था लखनऊ स्थित रतन स्क्वायर का पासपोर्ट कार्यालय। बाहर से, खासकर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों से आने वाले भोले-भाले लोग जानकारी के अभाव में अक्सर इन दलालों के चंगुल में फंस जाते थे। ये अनधिकृत बिचौलिए ‘जल्द काम कराने’ और ‘फाइलों को तेजी से पास कराने’ का झूठा झांसा देकर आवेदकों से मोटी रकम ऐंठ लेते थे। आम जनता, जो पहले से ही कागजी कार्यवाही को लेकर डरी रहती है, वह बहुत ही आसानी से इन ठगों का शिकार बन जाती थी।
लेकिन अब इस खुली लूट-खसोट पर पूर्ण रूप से लगाम कसने की तैयारी हो चुकी है। इन मासूम आवेदकों को दलालों के इस मायाजाल से बचाने और उन्हें एक सुरक्षित व पारदर्शी व्यवस्था प्रदान करने के लिए, पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ और स्थानीय पुलिस ने एक बेहद कड़ा और सराहनीय कदम उठाया है। दोनों विभागों के संयुक्त तत्वावधान में पासपोर्ट सेवा केंद्र, रतन स्क्वायर पर इन अनधिकृत मध्यस्थों (दलालों) के खिलाफ एक विशेष और सघन अभियान चलाया गया।
इस महा-अभियान का मुख्य उद्देश्य पासपोर्ट सेवाओं में पूरी तरह से पारदर्शिता लाना था। प्रशासन ने सख्त लहजे में यह स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकार द्वारा पासपोर्ट बनवाने की एक निर्धारित, सरल और डिजिटल आधिकारिक प्रक्रिया है, जिसका पालन करना ही सर्वोत्तम है। इस संयुक्त कार्रवाई का सबसे बड़ा मकसद आवेदकों को यह जागरूक करना था कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या दलाल के झूठे वादों पर कतई भरोसा न करें। आज के उन्नत डिजिटल युग में सब कुछ ऑनलाइन उपलब्ध है, इसलिए किसी भी बिचौलिए की कोई आवश्यकता नहीं है।
अधिकारियों ने आम जनमानस से अपील की है कि वे पासपोर्ट से जुड़ी किसी भी सेवा या जानकारी के लिए सीधे आधिकारिक वेबसाइट या पासपोर्ट सेवा केंद्र के कर्मचारियों से संपर्क करें। पुलिस और पासपोर्ट विभाग की इस अचानक की गई संयुक्त कार्रवाई से दलालों में भारी हड़कंप मच गया है। यह कदम न केवल भ्रष्ट तंत्र पर एक गहरी चोट है, बल्कि उन हजारों आम नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत भी है, जो ठगी का शिकार हो जाते थे। यह सख्ती दर्शाती है कि जनता की सुविधा और सुरक्षा ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



