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डिजिटल बैंकिंग अब सुविधा नहीं, आम जीवन की जरूरत बन चुकी है : नन्दी

11वें डिजिटल बैंकिंग लीडरशिप समिट में बैंकिंग उत्कृष्टता और नवाचार का सम्मान, छोटे कारोबारियों व MSME को आसान ऋण देने पर जोर

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

डिजिटल तकनीक ने बैंकिंग की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। कभी बैंक की लंबी कतारों में घंटों इंतजार करने वाला ग्राहक आज मोबाइल की स्क्रीन से कुछ ही क्षणों में बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा रहा है। मोबाइल बैंकिंग, UPI और डिजिटल भुगतान अब केवल आधुनिक सुविधा नहीं, बल्कि वित्तीय प्रणाली और आम लोगों के दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं। यह बात उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने होटल ताज लखनऊ में आयोजित 11वें डिजिटल बैंकिंग लीडरशिप सम्मेलन एवं अवार्ड्स 2026 में कही।

इंडियन इन्वेस्टर्स फेडरेशन (IIF) की ओर से आयोजित समारोह में मंत्री नन्दी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में उत्कृष्ट नेतृत्व, नवाचार और उल्लेखनीय योगदान के लिए बैंकों, संस्थाओं और अधिकारियों को सम्मानित किया गया। सम्मेलन में बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और इंडियन ओवरसीज बैंक के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

समिट में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, वित्तीय समावेशन, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक, डिजिटल फाइनेंस, ग्राहक-केंद्रित नवाचार और जोखिम प्रबंधन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने माना कि डिजिटल बदलाव अब सिर्फ ऑनलाइन बैंकिंग तक सीमित नहीं है। इसका असर बैंकों के बिजनेस मॉडल, ग्राहक जुड़ाव, परिचालन दक्षता और वित्तीय सेवाओं की पहुंच तक दिखाई दे रहा है।

मंत्री नन्दी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल विजन ने बैंकिंग को आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में निवेश, उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और इस बदलाव में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका महत्वपूर्ण है।

उन्होंने बैंकिंग संस्थानों से छोटे व्यापारियों और MSME उद्यमियों को सरल, समयबद्ध और सुगम ऋण उपलब्ध कराने की अपील की। युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों और कुटीर उद्योगों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर भी जोर दिया।

हालांकि डिजिटल विस्तार के साथ साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी की चुनौती भी बढ़ी है। नन्दी ने कहा कि सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

समारोह में वाराणसी के गोपाल गुप्ता को 75 वर्षों के औद्योगिक अनुभव, लखनऊ के शिक्षाविद एवं स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज के संस्थापक एसके सिंह, दिल्ली के पुनित जैन, अजय शुक्ला और लखनऊ के चमन लाल को विभिन्न क्षेत्रों में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

केनरा बैंक के एमडी एवं सीईओ ब्रजेश कुमार सिंह और पंजाब नेशनल बैंक के एमडी एवं सीईओ अशोक चंद्रा को चेयरमैन अवॉर्ड 2026 तथा SBI के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी को प्रेसिडेंट अवॉर्ड 2026 प्रदान किया गया। SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ इंडिया को बैंक ऑफ द ईयर श्रेणी में सम्मान मिला, जबकि यूको बैंक को लगातार तीसरे वर्ष बैंक ऑफ द ईयर नॉन-लीड श्रेणी में सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी, IIF यूपी के आर.के. शरण, संगीता श्रीवास्तव, सचिव MSME प्रांजल यादव, इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद, RBI के रीजनल डायरेक्टर पंकज कुमार, NABARD के CGM पंकज कुमार, SBI के CGM दीपेश राज और इंडियन बैंक के CGM एस.के. गुप्ता सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे।

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