अग्रवाल शिक्षा संस्थान को मिला अत्याधुनिक सभागार, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा
शिक्षा के नए युग का सशक्त अध्याय

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
राजधानी लखनऊ के मोती नगर स्थित अग्रवाल शिक्षा संस्थान में गुरुवार को नव-निर्मित “लाला विशम्भर दयाल राजा राम हॉल” का भव्य उद्घाटन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को नई ऊर्जा देने वाले इस अत्याधुनिक सभागार का उद्घाटन मुख्य अतिथि आनंद स्वरूप अग्रवाल ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
विद्यार्थियों के विकास का नया केंद्र
मुख्य अतिथि आनंद स्वरूप अग्रवाल ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की मजबूती केवल पाठ्यक्रम से नहीं, बल्कि उसकी आधारभूत सुविधाओं से तय होती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह नया सभागार विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच देने के साथ-साथ शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा।
शिक्षा और संस्कृति का संगम
विशिष्ट अतिथि राजेन्द्र अग्रवाल एवं भारत भूषण गुप्ता सहित उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने संस्थान के इस प्रयास को दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह हॉल सेमिनार, कार्यशाला, सांस्कृतिक कार्यक्रम, शैक्षणिक संगोष्ठियों और सामाजिक आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
दीर्घकालिक विकास योजना की अहम कड़ी
संस्थान के मीडिया प्रभारी सुधीश गर्ग ने बताया कि “लाला विशम्भर दयाल राजा राम हॉल” संस्थान की दीर्घकालिक विकास योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस अत्याधुनिक सुविधा से विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण, व्यक्तित्व विकास और रचनात्मक गतिविधियों के अधिक अवसर प्राप्त होंगे।
समाज के गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में संस्थान के अध्यक्ष लोकराम अग्रवाल, मंत्री मनोज हवेलिया, कोषाध्यक्ष राजीव अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, विनीता अग्रवाल, असीत अग्रवाल, नीलेश अग्रवाल, सुरेन्द्र नाथ अग्रवाल, पप्पू बोरा सहित अनेक सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया तथा सामूहिक भोज का आयोजन भी किया गया।
शिक्षा को मिला आधुनिक आधार
नवीन सभागार के निर्माण के साथ अग्रवाल शिक्षा संस्थान ने यह संदेश दिया है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि आधुनिक संसाधन, संवाद और सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी विद्यार्थियों के समग्र विकास की मजबूत नींव बनती हैं।



