ज्ञान, गौरव और गौरवशाली उपलब्धियों का महाकुंभ
सभी कुलाधिपति एवं प्रति-कुलाधिपति पदक छात्राओं के नाम, महिला शक्ति ने रचा नया इतिहास

एसआरएमयू के भव्य दीक्षांत समारोह में 7,519 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, 405 मेधावियों का हुआ सम्मान
232 स्वर्ण, 165 रजत और 8 सर्वोच्च पदकों से चमकी प्रतिभाएं
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क।

श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय (एसआरएमयू) का दीक्षांत समारोह बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स ऑडिटोरियम में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में विभिन्न संकायों के 7,519 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 405 मेधावी छात्रों को 232 स्वर्ण, 165 रजत तथा 8 कुलाधिपति एवं प्रति-कुलाधिपति पदकों से सम्मानित किया गया।
बेटियों ने फिर लिखा सफलता का स्वर्णिम अध्याय
समारोह का सबसे प्रेरक क्षण तब आया जब चार शैक्षणिक सत्रों के सभी आठ सर्वोच्च संस्थागत पदक छात्राओं ने अपने नाम किए। यह उपलब्धि महिला शिक्षा, प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता की नई मिसाल बन गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे संस्थान के गौरव का ऐतिहासिक क्षण बताया।

ज्ञान ही राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति
मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) भूषण पटवर्धन ने कहा कि दीक्षांत केवल डिग्री वितरण का समारोह नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुशासन और जिम्मेदारी का उत्सव है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा को अपनाने तथा नैतिक मूल्यों के साथ समाज और राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
तेजी से बढ़ा विश्वविद्यालय का शैक्षणिक विस्तार
कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी ने बताया कि वर्ष 2021-22 से 2024-25 के बीच विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय प्रगति की है। छात्र संख्या 4,764 से बढ़कर 10,444 तक पहुंच गई है, जबकि वर्तमान में लगभग 12,000 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि नैतिक, सक्षम और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है।

कुलाधिपति इं. पंकज अग्रवाल ने विद्यार्थियों से ज्ञान को केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखकर राष्ट्र निर्माण, सामाजिक उत्थान और मानव सेवा में लगाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि अखिलेश मिश्रा ने युवाओं को सत्य, धर्म, आत्मचिंतन और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। समारोह का संचालन परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) आकांक्षा निगम ने किया




