हार के डर से अमर्यादित भाषा पर उतरे भाजपाई, 2027 में जनता करेगी अहंकार का अंत-अखिलेश यादव
स्मार्ट मीटर से लूट, पेपर लीक और अस्पतालों में घपलेबाजी; सपा सुप्रीमो ने गिनाए योगी सरकार के 'पाप', बोले- हर मोर्चे पर फेल हुई बीजेपी!

निश्चय टाइम्स न्यूज़ डेस्क
उत्तर प्रदेश की सियासत में साल 2027 के विधानसभा चुनावों का काउंटडाउन अभी से शुरू हो गया है! समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज सूबे की योगी सरकार और संगठन पर ऐसा तीखा और बारूदी हमला बोला है, जिससे बीजेपी खेमे में खलबली मच गई है। अखिलेश यादव ने लखनऊ से सीधे मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों की भाषा पर उंगली उठाते हुए कहा कि शीर्ष पदों पर बैठे भाजपा नेताओं की भाषा पूरी तरह अभद्र, अलोकतांत्रिक और असंसदीय हो चुकी है, क्योंकि इन्हें 2027 में अपनी करारी हार साफ़ नजर आने लगी है।
नौ साल में केवल नफ़रत और भेदभाव का ‘विकास’ सपा सुप्रीमो ने सरकार के पूरे नौ साल के कार्यकाल का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए कहा कि विकास के नाम पर इस सरकार ने धेले भर का काम नहीं किया। इनका एकमात्र एजेंडा समाज में भेदभाव और नफरत फैलाना रहा है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि आज प्रदेश में कानून-व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है और हर दिन जघन्य हत्याएं हो रही हैं।
थाना-तहसील बने लूट के अड्डे, दवाओं में भारी घोटाला योगी सरकार को चौतरफा घेरते हुए अखिलेश ने कहा कि भ्रष्टाचार आज चरम पर पहुंच चुका है। हर सरकारी विभाग में अंधाधुंध लूट मची है और थाना व तहसील तो खुलेआम भ्रष्टाचार के वीआईपी अड्डे बन चुके हैं। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को वेंटिलेटर पर बताते हुए कहा कि अस्पतालों में मरीजों को न दवा मिल रही है न इलाज, बल्कि दवाओं की खरीद में बड़े पैमाने पर घपलेबाजी की जा रही है।
स्मार्ट मीटर से जनता की जेब पर डाका और पेपर लीक का कोहराम बिजली संकट और स्मार्ट मीटर को लेकर सरकार पर तंज कसते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाकर भाजपा सरकार ने सीधे जनता की जेब पर डाका डालने और उन्हें लूटने का काम किया है। शिक्षा व्यवस्था की दुर्दशा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अब कोई भी परीक्षा पारदर्शी नहीं रह गई है, हर सरकारी नौकरी का पेपर लीक हो रहा है। किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाली सरकार समय पर पंचायत चुनाव तक नहीं करा पाई। अखिलेश ने कड़क लहजे में चेतावनी दी कि प्रदेश का अहंकार में डूबा शासक वर्ग संवैधानिक पदों की गरिमा को सरेआम गिरा रहा है, लेकिन सूबे की जनता सब देख रही है और 2027 में बीजेपी को उसके कर्मों की ऐसी सजा देगी कि इनके अहंकार का हमेशा के लिए अंत हो जाएगा!



