चेन्नई को पानी और सीवरेज की बड़ी सौगात
170 किमी से अधिक नई पाइपलाइन, 45 पंपिंग स्टेशनों का उन्नयन और डिजिटल तकनीक से मजबूत होगी जल व्यवस्था

भारत और ADB ने किया $230 मिलियन का समझौता
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
चेन्नई की जल आपूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और जलवायु-अनुकूल बनाने की दिशा में भारत सरकार और एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने बड़ा कदम उठाया है। दोनों पक्षों ने चेन्नई के लिए 230 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस परियोजना का उद्देश्य चेन्नई के लोगों को सुरक्षित और भरोसेमंद पेयजल उपलब्ध कराना, सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाना और शहर को जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के प्रति अधिक मजबूत बनाना है। इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य और लोगों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है।
Chennai Climate-Resilient Water Security and Sewerage Project के तहत शहर में 170 किलोमीटर से अधिक जलापूर्ति और सीवर पाइप बिछाए जाएंगे। इसके अलावा सात जल पंपिंग स्टेशनों और 38 सीवर पंपिंग स्टेशनों का उन्नयन किया जाएगा।
परियोजना की सबसे खास उपलब्धियों में चेन्नई में देश का पहला व्यापक रिंग-मेन जल आपूर्ति समाधान लागू करना शामिल है। यह बंद-लूप पाइपलाइन प्रणाली है, जो पानी का दबाव संतुलित रखने और अलग-अलग इलाकों में अधिक समान एवं भरोसेमंद जल आपूर्ति में मदद करेगी।
परियोजना के जरिए जल एवं स्वच्छता सेवाओं में डिजिटल तकनीक का भी विस्तार किया जाएगा। रियल-टाइम मॉनिटरिंग, डेटा आधारित निर्णय और बेहतर ग्राहक सेवाओं को व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाएगा।
सीवर लाइनों की जांच के दौरान कर्मचारियों के जोखिम को कम करने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाई जाएगी। सीवर में रुकावट की पहचान पहले और अधिक सुरक्षित तरीके से करने पर भी जोर रहेगा।
यह निवेश केंद्र सरकार के अटल मिशन फॉर रिजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (AMRUT) 2.0 और Urban Challenge Fund जैसे शहरी विकास प्रयासों के अनुरूप है।
ऋण समझौते पर भारत सरकार की ओर से वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के उप सचिव सौरभ सिंह और ADB की ओर से भारत निवासी मिशन की कंट्री डायरेक्टर मियो ओका ने हस्ताक्षर किए। इस समझौते को अंतिम रूप देने में DEA के संयुक्त सचिव बलदेव पुरुषार्थ की भूमिका रही।
यह परियोजना चेन्नई के लिए सिर्फ पाइपलाइन और सीवरेज सुधार नहीं, बल्कि स्वच्छता, स्वास्थ्य, तकनीक और जल सुरक्षा को एक साथ मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।



