दुनिया में मची है भू-राजनीतिक खलबली, पर मोदी के विज़न से सुपरफास्ट दौड़ रहा है इंडिया-जितिन प्रसाद
:IFT के मंच पर जुटे शिक्षा जगत के दिग्गज; ब्रिक्स से लेकर AI के चक्रव्यूह पर छिड़ा महा-मंथन!

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
जहाँ एक तरफ पूरी दुनिया भू-राजनीतिक उथल-पुथल, जंग के साए और आर्थिक मंदी के डर से कांप रही है, वहीं भारत वैश्विक मंच पर अपनी धमक का लोहा मनवा रहा है। देश की राजधानी में आज वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने IIFT (भारतीय विदेश व्यापार संस्थान) में हाई-प्रोफाइल ‘ग्लोबल बिजनेस रिसर्च कॉन्फ्रेंस (जीबीआरसी) 2026’ का उद्घाटन करते हुए विरोधियों को कड़ा संदेश दे दिया। जितिन प्रसाद ने छाती ठोक कर कहा कि दुनिया की तमाम अनिश्चितताओं को ठेंगा दिखाते हुए भारत आज भी विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का बेताज बादशाह बना हुआ है।
मोदी का विज़न और AI का तड़का मंच से कड़क अंदाज़ में बोलते हुए मंत्री जी ने सारा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने केवल आज का नहीं, बल्कि दीर्घकालिक विज़न अपनाया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर और इंटरनेशनल ट्रेड पार्टनरशिप के क्षेत्र में भारत जो छक्के छुड़ा रहा है, वो इस बात का सबूत है कि अब वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत के बिना पत्ता भी नहीं हिल सकता।
IIFT के मंच पर मठाधीशों का जमघट सम्मेलन के आयोजक और IIFT के कुलपति प्रो. राकेश मोहन जोशी ने भी माहौल को और गर्माते हुए कहा कि आज के दौर में साक्ष्य-आधारित नीतियां ही देश को मजबूत बनाएंगी। इस महा-सम्मेलन में देश-विदेश के शीर्ष संस्थानों जैसे IIT बॉम्बे, IIM बोधगया और ISB के कुलपतियों और निदेशकों का ऐसा भारी जमघट लगा है कि शिक्षा और व्यापार जगत में हलचल मच गई है।
इस तीन दिवसीय सम्मेलन में बिजनेस स्कूलों में AI के इस्तेमाल, ब्रिक्स (BRICS) देशों की बदलती चाल और वैश्विक सप्लाई चेन के संकट पर तीखी बहस चल रही है। 5 जून को सर्वश्रेष्ठ शोध पत्रों को पुरस्कार देकर इस ज्ञान के महा-मुकाबले का समापन होगा। साफ़ बात है—दुनिया चाहे जितना हिचकोले खाए, दिल्ली के इस मंच से भारत ने अपनी आर्थिक संप्रभुता का बिगुल फूंक दिया है!



