19 राज्यों में मतदाता सूची का महाअभियान शुरू
घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ, 36 करोड़ वोटरों का होगा सत्यापन

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने देशभर में मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है। इस चरण के तहत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में व्यापक स्तर पर मतदाता सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। निर्वाचन आयोग के अनुसार इस प्रक्रिया में लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं तक पहुंच बनाई जाएगी, जिसके लिए 3.94 लाख से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।
चुनाव आयोग ने बताया कि इस अभियान में राजनीतिक दलों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 3.42 लाख बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) भी नियुक्त किए गए हैं। आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सहभागी होगी, ताकि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जी नामों को रोका जा सके।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि जनगणना के साथ चल रहे गृह सूचीकरण कार्य को ध्यान में रखते हुए तीसरे चरण का कार्यक्रम तैयार किया गया है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर अब लगभग पूरे देश में विशेष गहन पुनरीक्षण लागू हो जाएगा। इन तीन क्षेत्रों में मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।
इस चरण में ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, तेलंगाना, महाराष्ट्र, दिल्ली, झारखंड, कर्नाटक, मेघालय, नागालैंड और त्रिपुरा सहित कई राज्यों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा। आयोग ने प्रत्येक राज्य के लिए अलग-अलग समयसीमा जारी की है।
आयोग के अनुसार महाराष्ट्र में सबसे अधिक 9.86 करोड़ मतदाता हैं, जबकि कर्नाटक में 5.55 करोड़, आंध्र प्रदेश में 4.16 करोड़ और ओडिशा में 3.34 करोड़ मतदाता सूची में शामिल हैं। दिल्ली में भी लगभग 1.48 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा।
इस अभियान के दौरान बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करेंगे। इसके साथ ही मतदान केंद्रों का युक्तिकरण, दावे एवं आपत्तियों का निपटान और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन भी किया जाएगा। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से प्रत्येक बूथ पर बीएलए नियुक्त करने की अपील की है ताकि पूरी प्रक्रिया पर सभी की निगरानी बनी रहे।
निर्वाचन आयोग का मानना है कि यह अभियान लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगा। आयोग ने कहा कि निष्पक्ष और सटीक मतदाता सूची स्वतंत्र एवं पारदर्शी चुनाव की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है।



