राजनीति

यूपी चुनाव 2027 से पहले बड़ा खेल: मतदाता सूची में महाघोटाला, गायब हुए 150 फॉर्म-6, जिंदा मतदाता घोषित ‘मृतक’

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले लोकतंत्र की बुनियाद यानी मतदाता सूची में एक डरावने और सुनियोजित महाघोटाले की आहट सुनाई दे रही है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के कड़े निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्री श्याम लाल पाल ने आज मुख्य निर्वाचन अधिकारी (उत्तर प्रदेश, लखनऊ) को एक बेहद संगीन और विस्फोटक ज्ञापन सौंपकर भारत निर्वाचन आयोग की पूरी कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। ज्ञापन में लगाए गए आरोप इतने गंभीर हैं कि वे पूरी चुनावी प्रक्रिया की शुचिता को तार-तार कर रहे हैं।

अयोध्या में साजिश की बू: 150 PDA समर्थक मतदाताओं के फॉर्म-6 ‘रहस्यमयी’ तरीके से गायब!

ज्ञापन में सबसे सनसनीखेज खुलासा अयोध्या जनपद से हुआ है, जहां अयोध्या विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के पोलिंग बूथ संख्या 222 (डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय) में एक विशेष वर्ग (पी.डी.ए.) के समर्थकों को निशाना बनाने की साजिश सामने आई है। सपा ने आरोप लगाया है कि नए मतदाता बनाने के लिए बी.एल.ओ. गीता को सपा के बी.एल.ए. द्वारा रिसीव कराये गये लगभग 150 फार्म-6 को “गायब” कर दिया गया है। 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम सूची में जब ये नाम नहीं दिखे, तो अधिकारियों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। सपा ने इसे “गंभीर अपराध” बताते हुए दोषी अधिकारियों को दंडित करने की मांग की है।

कन्नौज में सरकारी पाप: 60 साल के जिंदा गोविन्द को ‘मृतक’ घोषित कर मतदाता सूची से काटा!

चुनावी मशीनरी की लापरवाही और साजिश का इससे बड़ा सबूत नहीं हो सकता। कन्नौज जनपद के 197-तिर्वा विधानसभा के पोलिंग बूथ संख्या 465 पर 60 वर्षीय जिंदा मतदाता गोविन्द (पिता: बालकराम, मकान नं. 221) को बी.एल.ओ., सुपरवाइजर और ई.आर.ओ. की साजिश से सरकारी कागजों में ‘मृतक’ घोषित कर दिया गया और उनका नाम मतदाता सूची से जान-बूझकर डिलीट कर दिया गया। सपा ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोरतम कार्यवाही की मांग की है। सपा ने कहा कि यह भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर ही सवालिया निशान है।

बिजनौर में डुप्लीकेट मतदाताओं की बाढ़: एक ही मतदाता के 4-4 नाम, बूथों पर भारी धांधली!

साजिश की जड़ें बिजनौर जनपद के नगीना विधानसभा तक फैली हुई हैं, जहां मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर ‘डूप्लीकेट वोट’ घुसाने का नंगा नाच सामने आया है। सपा द्वारा प्रस्तुत विवरण के अनुसार:

  • पोलिंग बूथ 38: मतदाता पूनम रानी का नाम एक ही पृष्ठ पर लगातार 4 बार (मतदाता सं. 961, 990, 991, 992) दर्ज है।
  • पोलिंग बूथ 12: शीतला देवी का नाम लगातार 3 बार (मतदाता सं. 718, 143, 803) दर्ज है।
  • इसके अलावा पोलिंग बूथ 391, 151, 264, 120 पर भी कई मतदाताओं के नाम 2-2 बार दर्ज हैं। सपा ने कहा कि यह सुनियोजित धांधली है और मांग की है कि भौतिक सत्यापन कराकर ‘अभियान चलाकर’ ऐसे फर्जी नामों को तुरंत डिलीट किया जाए ताकि 2027 का चुनाव निष्पक्ष हो सके।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सर्वश्री के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह और राधेश्याम सिंह ने यह ज्ञापन सौंपते हुए त्वरित और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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