कानपुर में अवैध प्लॉटिंग पर KDA का बड़ा एक्शन, 40,500 वर्ग मीटर क्षेत्र सील
बिना नक्शा मंजूरी निर्माण पर शिकंजा, ध्वस्तीकरण नोटिस से मचा हड़कंप

(निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क)
कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने अवैध और अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़े अभियान में लगभग 40,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में चल रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की है। यह कार्रवाई प्रवर्तन जोन-1बी के तहत विशेष कार्याधिकारी/उपजिलाधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह के नेतृत्व में की गई, जिसमें दो बड़े स्थलों को सील कर दिया गया।
पहली कार्रवाई उन्नाव के शुक्लागंज क्षेत्र में बाम-शहजनी इलाके में की गई, जहां लगभग 5000 वर्ग मीटर में बिना अनुमति प्लॉटिंग की जा रही थी। वहीं दूसरी बड़ी कार्रवाई कानपुर के धिरान क्षेत्र में हुई, जहां करीब 12,000 वर्ग मीटर में अवैध प्लॉटिंग को सील कर दिया गया। दोनों ही मामलों में बिना प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए और आवश्यक अनुमतियों के बिना प्लॉटिंग की जा रही थी।
इन सील परिसरों को स्थानीय थाना गंगाघाट, शुक्लागंज और बिठूर पुलिस की निगरानी में सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सीलिंग के बाद कोई अवैध गतिविधि दोबारा न हो सके।
इसके अलावा, KDA ने तीन अन्य अवैध प्लॉटिंग मामलों में ध्वस्तीकरण नोटिस जारी किए हैं। इनमें बैरी अकबरपुर बांगर में लगभग 10,000 वर्ग मीटर, बगदीधी बांगर कछार में करीब 3000 वर्ग मीटर, और बगदीधी बांगर में ही लगभग 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में की जा रही प्लॉटिंग शामिल है। संबंधित विकासकर्ताओं को 15 दिन के भीतर स्वयं निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा पुलिस बल की सहायता से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण ने एक अन्य मामले में गंगा नगर हाउसिंग सोसाइटी क्षेत्र में करीब 500 वर्ग मीटर में जी+4 मंजिल का अवैध निर्माण भी चिन्हित किया है, जहां स्वीकृत नक्शा प्रस्तुत नहीं किया गया। इस पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और संतोषजनक जवाब न मिलने पर सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तय मानी जा रही है।
इस पूरे अभियान में अवर अभियंता, सुपरवाइजर और पुलिस बल की टीम भी मौजूद रही, जिससे कार्रवाई को प्रभावी और सुरक्षित ढंग से अंजाम दिया गया।
KDA अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्लॉट या जमीन की खरीद से पहले उसकी लेआउट स्वीकृति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें और निर्माण कार्य केवल स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ही कराएं। ऐसा न करने पर भविष्य में आर्थिक और कानूनी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कानपुर में यह सख्ती शहरी विकास को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा संकेत मानी जा रही है।



