मेट्रो-बस कनेक्टिविटी मजबूत करने की तैयारी, लखनऊ में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मिलेगा नया विस्तार
मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग, शटल बस और जनजागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
लखनऊ में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम, आधुनिक और जनहितकारी बनाने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मेट्रो और सिटी ट्रांसपोर्ट की कनेक्टिविटी को मजबूत करने, अंतिम मील सुविधा विकसित करने और लोगों को निजी वाहनों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट की ओर आकर्षित करने पर व्यापक चर्चा की गई।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि राजधानी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए मेट्रो स्टेशन, बस सेवा और पार्किंग व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिए कि प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के आसपास फीडर बस सेवा, पार्किंग और यातायात प्रबंधन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि यात्रियों को निर्बाध आवागमन सुविधा मिल सके।
यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एमडी सुशील कुमार ने कहा कि मेट्रो की अंतिम मील कनेक्टिविटी मजबूत किए बिना यात्रियों की संख्या बढ़ाना संभव नहीं है। इसी उद्देश्य से विभिन्न मेट्रो स्टेशनों के आसपास पार्किंग सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया है। नगर निगम ने जानकारी दी कि पार्किंग स्थलों के विकास के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और 15 जून तक इसे अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में सार्वजनिक परिवहन के प्रचार-प्रसार को लेकर भी अहम निर्णय लिए गए। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत स्थापित डिजिटल डिस्प्ले, एलईडी स्क्रीन, पीए सिस्टम और एफएम रेडियो के माध्यम से मेट्रो एवं सिटी ट्रांसपोर्ट के लाभों का व्यापक प्रचार किया जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर आम नागरिकों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
मण्डलायुक्त ने सिटी ट्रांसपोर्ट अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यालय समय और प्रमुख लोड पॉइंट्स को ध्यान में रखते हुए शटल बस सेवाएं शुरू की जाएं। सरकारी कर्मचारियों, कॉलेज छात्रों और स्कूल विद्यार्थियों को मेट्रो सेवा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि Flipkart, Amazon और Blinkit जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों को माल परिवहन के लिए मेट्रो नेटवर्क के उपयोग हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि सड़क यातायात का दबाव कम हो सके।
इसके साथ ही मेट्रो स्टेशनों के आसपास अवैध पार्किंग, अतिक्रमण, खराब सड़कें और खुले मेनहोल जैसी समस्याओं को प्राथमिकता पर दूर करने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन का मानना है कि बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से ट्रैफिक जाम कम होगा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और नागरिकों को सुरक्षित एवं सस्ती यात्रा सुविधा उपलब्ध होगी।



