मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों में अब पोषण पर भी रहेगा विशेष फोकस
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में मिर्जापुर और सोनभद्र की कमियां चिन्हित

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अब उनमें पोषण संबंधी जागरूकता और सेवाओं को भी शामिल करने का निर्णय लिया है। यह निर्देश अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग Amit Kumar Ghosh ने मिर्जापुर और वाराणसी मंडल की स्वास्थ्य सेवाओं एवं योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान दिए।
बुधवार को वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में दोनों मंडलों के स्वास्थ्य अधिकारियों, मुख्य चिकित्साधिकारियों और चिकित्सा इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और प्रभावशीलता की विस्तृत समीक्षा की गई।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में अब बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के समन्वय से पोषण संबंधी गतिविधियों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने प्रत्येक प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पोषण के महत्व को रेखांकित करने और लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान मिर्जापुर और सोनभद्र जनपदों में कुछ कमियां पाई गईं, जिन्हें शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जल्द ही औचक निरीक्षण के लिए विशेष टीमें भेजी जाएंगी ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। चिकित्सकों को ड्यूटी के अनुसार स्वास्थ्य केंद्रों पर रात्रि विश्राम सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए, जिससे रात में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
बैठक में गर्मी के मौसम को देखते हुए पानी के संरक्षण, भोजन में कम तेल के उपयोग और ऊर्जा बचत पर भी विशेष जोर दिया गया। स्वास्थ्य इकाइयों में एसी को 25 से 27 डिग्री सेल्सियस पर चलाने तथा अधिकतम प्राकृतिक प्रकाश के उपयोग की सलाह दी गई। कर्मचारियों से कार पूलिंग अपनाने की अपील भी की गई।
इस अवसर पर Pinky Jowel, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने बताया कि प्रदेश के सभी जनपदों का निरीक्षण कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही दूसरे चरण का सेल्फ असेसमेंट अभियान शुरू होगा। इसके लिए मोबाइल ऐप आधारित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उन्होंने डीवीडीएमएस पोर्टल के माध्यम से दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और ई-प्रिस्क्रिप्शन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
समीक्षा के दौरान 3178 स्वास्थ्य इकाइयों में से 1534 इकाइयों का स्थलीय निरीक्षण किया गया, जिसमें जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों का भी मूल्यांकन शामिल रहा।



