जेवर हत्याकांड और हमीरपुर पुल हादसा: मायावती का सरकार पर तीखा हमला
कानून-व्यवस्था और विकास के दावों की खुली पोल

एक तरफ किशोर की निर्मम हत्या, दूसरी तरफ भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा निर्माणाधीन पुल; बसपा प्रमुख ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विकास और मजबूत कानून-व्यवस्था के बड़े-बड़े दावों के बीच सूबे से दो झकझोर देने वाली घटनाएं सामने आई हैं, जिसने योगी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 29 मई 2026 को ट्वीट कर इन दोनों गंभीर मामलों पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए राज्य की प्रशासनिक विफलता पर तीखा हमला बोला है।
पहली दिल दहला देने वाली घटना ग्रेटर नोएडा के जेवर से सामने आई है, जहां बनवारीवास गांव के 15 वर्षीय मासूम किशोर गोपाल शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी गई। गोपाल 21 मई को लापता हुआ था और 23 मई को उसका शव रोही गांव के एक सुनसान मकान से बरामद हुआ। परिजनों ने आरोप लगाया है कि किशोर के साथ बर्बरता की गई और उसके अंगों को भी क्षति पहुंचाई गई, जिसने इलाके में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। हालांकि पुलिस मुठभेड़ के बाद तीन आरोपियों (नरेश, मोहित और उमेश) को गिरफ्तार कर मामले को हुक्के के विवाद का रूप देने और पोस्टमार्टम के जरिए दावों को दबाने में जुटी है। मायावती ने इस पूरे हत्याकांड की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।
दूसरी बड़ी प्रशासनिक लापरवाही बुंदेलखंड के हमीरपुर जिले से आई है, जहां भ्रष्टाचार की गवाही देता बेतवा नदी पर बन रहा एक निर्माणाधीन पुल भरभरा कर गिर गया। 29 मई की तड़के तेज आंधी और बारिश के दौरान पुल का स्लैब गिरने से वहां सो रहे 6 गरीब मजदूरों की मलबे में दबकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की पोल खोलता है। हालांकि मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को 5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है, लेकिन बसपा प्रमुख मायावती ने इसे नाकाफी बताते हुए पीड़ित परिवारों को और अधिक उचित आर्थिक मदद व दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।



