भारतीय रेल की माल ढुलाई हिस्सेदारी 45% करने का लक्ष्य: आरडीएसओ महानिदेशक
फाउंड्री, वैगन निर्माण और सुरक्षा अवयवों में होगा तकनीकी सुधार; इंडस्ट्री 4.0 और एआई तकनीकों पर विशेष जोर

फाउंड्री, वैगन निर्माण और सुरक्षा अवयवों में होगा तकनीकी सुधार; इंडस्ट्री 4.0 और एआई तकनीकों पर विशेष जोर
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क
लखनऊ। भारतीय रेलवे को अधिक तेज, सुरक्षित और लागत प्रभावी बनाने की दिशा में अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ), लखनऊ ने एक बड़ा कदम उठाया है। आरडीएसओ द्वारा आईआरएसईए (IRSEA) लखनऊ चैप्टर के सहयोग से ‘फाउंड्री, वैगन निर्माण एवं माल सुरक्षा अवयवों में नवाचार – 2026’ विषय पर एक उच्च स्तरीय एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में देश के नामी वैगन निर्माताओं, फाउंड्री उद्योग के दिग्गजों, बोगी व कपलर निर्माताओं और रेलवे के आला अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
सेमिनार को संबोधित करते हुए आरडीएसओ के महानिदेशक श्री प्रभास दनसाना ने कहा कि वैगन और अवयव निर्माता भारतीय रेल के महत्वपूर्ण सहयोगी हैं। आरडीएसओ और उद्योग जगत के संयुक्त प्रयासों से आने वाले समय में देश के माल परिवहन में रेलवे की हिस्सेदारी को 45 प्रतिशत तक बढ़ाने का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने परिचालन दक्षता और विश्वसनीयता में सुधार के लिए रेलवे तथा उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।

महानिदेशक ने तकनीकी बदलावों की जानकारी देते हुए बताया कि आरडीएसओ द्वारा CASNUB बोगी एवं सेंटर बफर कपलर (CBC) अवयवों के विनिर्देशों (Specifications) में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। अब अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बेहतर धातुकर्म, उन्नत हीट-ट्रीटमेंट, अनिवार्य मैग्नेटिक पार्टिकल परीक्षण, सीएनसी (CNC) मशीनिंग और डिजिटल गुणवत्ता निगरानी को लागू किया गया है।
सेमिनार के तकनीकी सत्रों में इंडस्ट्री 4.0, ऑटोमेशन, सुरक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग, और उच्च भार क्षमता वाले वैगन डिजाइन पर विस्तार से चर्चा हुई। इस महत्वपूर्ण सेमिनार में टेक्समैको, टिटागढ़, जूपिटर, ब्रेथवेट, कल्याणी कास्ट, श्याम मेटालिक्स और कॉनकॉर (CONCOR) जैसी प्रमुख औद्योगिक संस्थाओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम में एडीजी और आईआरएसईए लखनऊ चैप्टर के महासचिव सहित कई वरिष्ठ निदेशक भी उपस्थित रहे।



