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CSIR-CRRI और MCD के बीच हुआ महा-समझौता, अब मिनटों में गायब होंगे गड्ढे!

कचरे से चमकेगी देश की राजधानी; 'इकोफिक्स' तकनीक से दिल्ली में बनेंगी प्रदूषण मुक्त और धुआंधार मजबूत सड़कें!

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

देश की राजधानी दिल्ली की बदहाल सड़कों और जानलेवा गड्ढों से परेशान जनता के लिए एक बहुत ही बड़ी, धुआंधार और राहत भरी खबर सामने आ रही है। दिल्ली की सड़कों को एकदम चकाचक, मजबूत और अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CSIR-CRRI) और दिल्ली नगर निगम (MCD) ने एक ऐतिहासिक साझेदारी की है। 10 जून 2026 को दोनों विभागों के बीच सड़कों के मूल्यांकन, गुणवत्ता जांच और कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए एक मुख्य समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस महा-गठबंधन की सबसे बड़ी और मसालेदार बात यह है कि दिल्ली के गड्ढों को तुरंत भरने के लिए एक जादुई स्वदेशी तकनीक ‘इकोफिक्स’ (Ecofix) का इस्तेमाल किया जाएगा। यह अनोखी तकनीक लोहे और स्टील कारखानों से निकलने वाले कचरे (इस्पात स्लैग समुच्चय) से तैयार की गई है। इसके जरिए सड़कों के गड्ढों की मरम्मत इतनी तेजी और मजबूती से होगी कि बार-बार सड़क टूटने का झंझट हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। यह तकनीक पूरी तरह से ‘वेस्ट टू वेल्थ’ (अपशिष्ट से धन-संपन्नता) के राष्ट्रीय विजन पर आधारित है।

MCD आयुक्त श्री संजीव खीरवार (IAS) और CRRI के निदेशक डॉ. चौधरी रवि शेखर ने बताया कि इस साझेदारी से न सिर्फ सड़कों की उम्र बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण को भी भारी फायदा होगा। इस तकनीक के इस्तेमाल से प्राकृतिक पत्थरों की बर्बादी रुकेगी, धूल का उड़ना कम होगा और वायु प्रदूषण से जूझ रही दिल्ली को बड़ी राहत मिलेगी।

इस पूरे प्रोजेक्ट का नेतृत्व स्टील स्लैग रोड और इकोफिक्स तकनीक के मशहूर आविष्कारक श्री सतीश पांडे कर रहे हैं। कार्यक्रम में एमसीडी और सीआरआरआई के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अब उम्मीद जताई जा रही है कि इस वैज्ञानिक जुगलबंदी के बाद दिल्ली की जनता को गड्ढा मुक्त और एक बेहतरीन नागरिक-केंद्रित सड़क अवसंरचना का सफर मिलने जा रहा है।

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