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देश की आर्थिक सेहत पर मंडराया संकट! एक ही साल में तिगुने से ज्यादा बढ़ा व्यापार घाटा, आरबीआई रिपोर्ट ने उड़ाई नींद!

विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से खींचे पैर; 2025-26 में अरबों डॉलर के पूंजी पलायन से अर्थव्यवस्था को लगा बड़ा झटका!

.निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

:भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी भुगतान संतुलन (BoP) के ताजा आंकड़े देश की आर्थिक स्थिति को लेकर बेहद चिंताजनक और डरावनी तस्वीर पेश कर रहे हैं. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जारी शुरुआती रिपोर्ट से साफ पता चलता है कि देश के वित्तीय मोर्चे पर मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं.

इस रिपोर्ट की सबसे बड़ी और परेशान करने वाली बात यह है कि देश का वाणिज्य वस्तु व्यापार घाटा साल-दर-साल के आधार पर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. जहां 2024-25 की चौथी तिमाही में व्यापार घाटा 59.3 बिलियन अमरीकी डॉलर था, वहीं 2025-26 की चौथी तिमाही में यह बेकाबू होकर 83.4 बिलियन अमरीकी डॉलर पर पहुंच गया है. अगर पूरे साल की बात करें तो 2025-26 में देश का कुल चालू खाता घाटा (CAD) बढ़कर 25.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक जा पहुंचा है. यह घाटा सीधा इशारा करता है कि भारत विदेशों से कमाई कम और खर्च ज्यादा कर रहा है.

इससे भी ज्यादा डरावना झटका देश के वित्तीय बाजार को लगा है. विदेशी संविभाग निवेशकों (FPI) ने भारतीय बाजार पर भरोसा खो दिया है और वे तेजी से अपना पैसा देश से बाहर निकाल रहे हैं. पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान एफपीआई ने बाजार से 16.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर का भारी-भरकम निवल बहिर्वाह (पूंजी की निकासी) दर्ज किया है. केवल चौथी तिमाही में ही 12.0 बिलियन अमेरिकी डॉलर का बहिर्वाह हुआ, जो पिछले साल की तुलना में दोगुने से भी अधिक है.

इस चौतरफा आर्थिक दबाव का सीधा असर देश की रीढ़ माने जाने वाले विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025-26 के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा आरक्षित निधि में 23.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर की भारी कमी दर्ज की गई है, जो पिछले साल की 5.0 बिलियन अमेरिकी डॉलर की कमी से कई गुना ज्यादा है. विदेशी पूंजी का इस कदर बाहर जाना और मुद्रा भंडार का खाली होना रुपये की कमजोरी और आने वाली बड़ी आर्थिक सुस्ती का साफ संकेत है.

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