गोसंरक्षण को नई शक्ति, योगी सरकार का बड़ा कदम
11 जिलों में 14 वृहद गोसंरक्षण केंद्रों का लोकार्पण, 5 लाख से अधिक गोवंश सुरक्षा अभियान को मिलेगा बल

400 गोवंश की क्षमता वाले आधुनिक केंद्र
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क

। उत्तर प्रदेश सरकार ने निराश्रित गोवंशों के संरक्षण को नई दिशा देते हुए प्रदेश के 11 जनपदों में 14 नवनिर्मित वृहद गोसंरक्षण केंद्रों का लोकार्पण किया। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने वर्चुअल माध्यम से इन केंद्रों का उद्घाटन करते हुए कहा कि प्रत्येक केंद्र में लगभग 400 गोवंशों के सुरक्षित संरक्षण की व्यवस्था की गई है।
गुणवत्ता पर नहीं होगा समझौता
मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गोसंरक्षण केंद्रों के निर्माण और संचालन में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बेसहारा गोवंशों के संरक्षण, संवर्धन और समुचित देखभाल के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
6,510 आश्रय स्थलों में 11.75 लाख गोवंश सुरक्षित
उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान समय में 6,510 गोआश्रय स्थलों में लगभग 11.75 लाख निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं। सहभागिता योजना के अंतर्गत 1.79 लाख गोवंश इच्छुक लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं। सरकार इनके भरण-पोषण पर प्रतिदिन लगभग ₹6.5 करोड़ व्यय कर रही है।
स्वावलंबन की ओर बढ़ते गोआश्रय
राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने कहा कि गोआश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोबर से दीपक, धूपबत्ती, वर्मी कम्पोस्ट, गोलॉग और सीबीजी उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन परियोजनाओं में महिला स्वयं सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
तकनीक और जनभागीदारी पर जोर
अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि नए गोसंरक्षण केंद्रों में हरा चारा, भूसा भंडारण, स्वच्छ पेयजल और आधुनिक पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। एनजीओ, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों और कॉरपोरेट संस्थाओं की भागीदारी से संचालन को और प्रभावी बनाया जाएगा।
सोशल मीडिया से बढ़ेगी पारदर्शिता
कार्यक्रम के दौरान पशुपालन विभाग के सोशल मीडिया सेल का भी शुभारंभ किया गया। मंत्री ने निर्देश दिए कि विभाग की योजनाओं और उपलब्धियों को डिजिटल माध्यमों से व्यापक स्तर पर जनता तक पहुंचाया जाए।
सरकार का मानना है कि आधुनिक गोसंरक्षण केंद्र केवल पशु संरक्षण की व्यवस्था नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि, महिला सशक्तिकरण और सतत विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण आधार बनेंगे।




