हिंदी को डिजिटल युग की नई ताकत बनाने पर जोर
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक सम्पन्न

सरकारी कामकाज में हिंदी का बढ़ेगा दायरा
एआई आधारित हिंदी टूल्स से बदलेगा प्रशासनिक परिदृश्य
डिजिटल संचार, जनसंपर्क और मीडिया इकाइयों में राजभाषा को मिलेगी नई गति
निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क |
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने राजभाषा हिंदी को डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरूप और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक में सरकारी कामकाज, डिजिटल संचार, प्रकाशनों और जनसंपर्क गतिविधियों में हिंदी के व्यापक एवं प्रभावी प्रयोग पर विशेष बल दिया गया। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित हिंदी टूल्स और आधुनिक तकनीकों को प्रशासनिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने की। उन्होंने कहा कि राजभाषा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन केवल संवैधानिक दायित्व नहीं, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों तक सहज और प्रभावी संवाद स्थापित करने का माध्यम भी है। उन्होंने अधिकारियों से हिंदी के उपयोग को बढ़ाने के लिए नवाचार आधारित उपाय अपनाने का आह्वान किया।
सूचना एवं प्रसारण सचिव चंचल कुमार ने मंत्रालय की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सरकारी कार्यों में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग प्रशासन को नागरिकों के और अधिक निकट लाएगा।
बैठक में प्रसार भारती, दूरदर्शन, आकाशवाणी, प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), केंद्रीय संचार ब्यूरो तथा अन्य मीडिया इकाइयों में हिंदी के उपयोग को और सशक्त बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए। समिति के सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि डिजिटल युग में एआई आधारित हिंदी तकनीकें सरकारी संचार व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुख बना सकती हैं।
सदस्यों ने इस बात पर भी बल दिया कि मंत्रालय देश के विकास, संस्कृति, साहित्य और जनहितकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में हिंदी का सशक्त और व्यापक प्रयोग राष्ट्रीय संवाद को और मजबूत करेगा।
बैठक में सांसदों, भाषा विशेषज्ञों तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेते हुए हिंदी को भविष्य की डिजिटल शासन व्यवस्था का प्रमुख आधार बनाने पर सहमति व्यक्त की।



